विड्राल फार्म में कूटरचना कर बैंक कर्मचारी ने निकाली किसान की राशि

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में किसानों की गाढ़ी कमाई बैंक के कर्मचारियों द्वारा गड़बड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। खाताधारकों को इसकी जानकारी होने पर निकाली गई रकम गुपचुप तरीके से डालकर मामले में लीपापोती कर दी गई है।

By: Chandra Kishor Deshmukh

Published: 05 Sep 2019, 08:22 AM IST

बालोद/डौंडी @ patrika . जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में किसानों की गाढ़ी कमाई बैंक के कर्मचारियों द्वारा गड़बड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। खाताधारकों को इसकी जानकारी होने पर निकाली गई रकम गुपचुप तरीके से डालकर मामले में लीपापोती कर दी गई है।

बैंक की विश्वसनीयता पर सवाल
बैंक मैनेजर ने भी उच्चाधिकारियों को गंभीर लापरवाही की जानकारी दे देना मुनासिब नही समझा गया है। इससे लोगों का विश्वास इस बैंक से उठने लगा है। अब बैंक की विश्वसनीयता बनाए रखने उच्चाधिकारियों द्वारा मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाना चाहिए।

खाता अपडेट कराने पहुंचा तो होश उड़ गए
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के गड़रियापारा निवासी किसान बिसौहाराम धनकर का बैंक खाता जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में है। उन्होंने आठ मार्च 2019 को बैंक में 49 हजार रुपया जमा किया। इससे पूर्व उनके खाते में करीब 35 हजार रुपए पहले से जमा था। दोनों रकम मिलाने से 84 हजार रुपए खाता में जमा हुआ था। खाताधारक ने दो माह बाद एंट्री कराने बैंक पहुंचा तो उनके होश उड़ गए। उसके खाता से 30 हजार आहरण किया जा चुका था। जब उन्होंने 30 हजार नहीं निकालने के संदर्भ में बैंक को जानकारी दी तो उन्होंने याददाश्त ठीक करने की सलाह देकर वापस लौटा दिया गया। तब उन्होंने जीवन धनकर को लेकर बैंक में पूछताछ की गई।

विड्राल फार्म में की गई थी कांट-छांट
बैंक मैनेजर ने बिसौहाराम धनकर की खाता निकालकर बताया गया कि दिनांक 8 मार्च 2019 को आपने 30 हजार रुपए निकाले हैं जिसका सबूत यह विड्राल है जिस पर आपका हस्ताक्षर भी है। मैनेजर ने कहा जब हस्ताक्षर आपका है तो बैंक को क्यों बदनाम करने पर तुले हुए हो। इस पर पीडि़त बिसौहाराम और साथ में गए जीवन धनकर भी भौचक रह गए। लेकिन इसी बीच जीवन धनकर की नजर विड्राल के दिनांक पर पड़ी तो पूर्व दिनांक 30 जनवरी 2019 को निकाले गए 30 हजार रुपए को काट-छांट कर 8 मार्च दर्शा दिया गया था। जबकि बिसौहाराम ने 8 मार्च को 49 हजार बैंक में शाम 4 बजे जमा किया था। तो उसी दिन वह कम समय में पुन: रकम कैसे निकाल लेता। इसके बाद बैंक से 30 जनवरी को बिसौहाराम द्वारा निकाले गए तीस हजार वाली विड्राल दिखाने कहा गया तो कर्मचारी और मैनेजर बगले झांकने लगे।

मामला उजागर होने पर कर दी लीपापोती
बताया जाता है कि ऐसे समय में ग्राम सल्हाईटोला के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने मामले को मध्यस्थता कराने में अहम भूमिका निभाई और खाताधारक के एकाउंट नंबर पर बैंक के किसी कर्मचारी द्वारा निकाली गई तीस हजार रकम वापस उसके खाते में डाल दी गई। यही नहीं उसके पास बुक को सुधारने के बहाने पुराने पासबुक का फोटो निकालकर तत्काल नए पासबुक में फोटो चिपकाते हुए नया पासबुक जारी कर दिया गया। जिससे गंभीर लापरवाही पर पर्दा डाला जा सके।

खाताधारक ने जांच की मांग की
गौरतलब है कि क्षेत्र के अधिकतर भोले भाले कृषक अपने गाढ़ी कमाई बैंक में जमा करते हैं। निकाले गए पैसे और बैलेंस की सूझबूझ कम लोगों को ही रहती है ।इसी का फायदा बैंक के कथित कर्मचारी उठाते है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोशी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है जिससे भविष्य में किसी के साथ इस तरह की गड़बड़ी या धोखाधड़ी न हो सके।

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Chandra Kishor Deshmukh Bureau Incharge
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