ऋण-पुस्तिका बनाने पूर्व विधायक को तहसील कार्यालय में बैठना पड़ा धरने पर, चुनाव काम छोड़ तहसीलदार ने एक घंटे में बनाकर दिया

छत्तीसगढ़ प्रदेश की भूपेश सरकार द्वारा अधिकारियों को सिर्फ पैसा कमाने के लिए बैठाया गया है। जनता कामों को लेकर सरकारी कार्यालयों का चक्कर काटने को मजबूर है। बिना पैसे के अधिकारी और कर्मचारी काम ही नहीं करते हैं। यह बातें भानुप्रतापपुर के पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा ने तहसील कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे हुए कही।

By: Chandra Kishor Deshmukh

Updated: 03 Jan 2020, 10:43 PM IST

बालोद/दल्लीराजहरा @ patrika . छत्तीसगढ़ प्रदेश की भूपेश सरकार द्वारा अधिकारियों को सिर्फ पैसा कमाने के लिए बैठाया गया है। जनता कामों को लेकर सरकारी कार्यालयों का चक्कर काटने को मजबूर है। बिना पैसे के अधिकारी और कर्मचारी काम ही नहीं करते हैं। यह बातें भानुप्रतापपुर के पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा ने तहसील कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे हुए कही।

25 दिन पहले दिया था आवेदन
पूर्व विधायक देवलाल ने बताया कि नगर पंचायत चिखलाकसा स्थित जमीन का ऋण पुस्तिका गुम जाने की शिकायत थाने में दर्ज कर दूसरी (डुप्लीकेट) बनाने के लिए तहसील कार्यालय दल्लीराजहरा में 25 दिनों पूर्व आवेदन दिया था। परंतु 3 जनवरी तक ऋणपुस्तिका नहीं बन पाई जिसके कारण मजबूरी में धरने पर बैठना पड़ा।

ऋण पुस्तिका बनाने के एवज में मांगी थी घूस
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऋण पुस्तिका बनाने के एवज में घूस की मांग की गई। उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया जिसके कारण उन्हें घुमाया जा रहा है। वे दल्लीराजहरा साडा के अध्यक्ष रह चुके हैं। धरने में बैठने पर लोगों ने बताया कि तहसील कार्यालय का हाल बबुरा है। बिना पैसे के एवं छोटे छोटे कामों के लिए घुमाया जाता है। लोग तहसील कार्यालय का चक्कर काट काटकर परेशान हो जाते हैं। दक्षिणा देने वालों का काम तत्काल हो जाता है।

सरकार ने काम के लिए या पैसा कमाने के लिए बैठाया
भाजपा के पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा ने प्रदेश कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया है कि अधिकारियों को कमाने के लिए बैठाया है ताकि अधिकारी पैसे मु?यमंत्री तक पहुंचा सके। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा खुलेआम आदिवासियों, किसानों, मजदूरों एवं बेरोजगारों से किसी भी काम के लिए पैसों की मांग की जाती है। जब तक अधिकारियों को पैसे नहीं मिल जाते तब तक उन लोगों के काम नहीं होते।

नियमानुसार कार्यवाही हो रही
तहसीलदार प्रतिभा ठाकरे ने बताया कि उन्होंने 14 दिसंबर को ऋणपुस्तिका के लिए आवेदन किया। 15 दिसंबर को छुट्टी के बाद 16 दिसंबर को इश्तिहार जारी किया। इश्तिहार जारी होने के बाद 15 दिन की समय सीमा निर्धारित होती है। उसके बाद ही आगे की कार्यवाही होती है। उन्होंने घूस मांगने के आरोप को गलत बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व विधायक द्वारा उन पर यह दबाव बनाया जा रहा था कि वे बिना किसी प्रकिया के उनका काम करें, परंतु उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया था।

थाना प्रभारी जवानों के साथ पहुंचे
पूर्व विधायक के तहसील कार्यालय में धरने पर बैठने की जानकारी पर थाना प्रभारी जवानों के साथ पहुंचे। उन्हें धरने से उठने और काम होने का आश्वासन दिया पर वे नहीं माने। पूर्व विधायक ने कहा कि जब तक उनके हाथ में ऋण पुस्तिका नहीं मिल जाती तब तक वे धरने में बैठे रहेंगे।

दोपहर दी गई ऋण पुस्तिका तक धरने से उठे
तहसीलदार डौंडी तहसील कार्यालय में पंचायत चुनाव प्रक्रिया में व्यस्त थी, उन्हें लगभग 2.30 बजे फोन से इसकी जानकारी दी गई। एक घंटे के बाद तहसीलदार कार्यालय से डुप्लीकेट ऋणपुस्तिका बना कर दी गई। ऋण पुस्तिका मिलने के बाद पूर्व विधायक ने कहा कि यदि वे धरने पर नहीं बैठते तो उनका काम नहीं हो पाता। पुराने जन प्रतिनिधि को इतना परेशान होना पड़ रहा है तो आम जनता को कितनी परेशानी होती होगी सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

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Chandra Kishor Deshmukh Bureau Incharge
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