
नए सत्र में कक्षा पहली से आठवीं तक नहीं चलेगी पिछले साल की किताबें
बालोद. नए शिक्षा सत्र से पहली से आठवीं तक की किताबों में परिवर्तन किया गया है। उसके बाद पुरानी किताबों का वितरण नहीं होगा। साथ ही स्कूलों में रखी हुई पुरानी किताबें नहीं चलेंगी। सत्र में सभी किताब नहीं बदलेंगी। हर कक्षा में एक विषय की ही किताब बदली गई है। छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने इस शिक्षा सत्र से पहली से आठवीं तक के एक-एक विषयों के किताबों में बदलाव किया है। अधिकतर कक्षाओं में गणित को बदला गया है। आने वाले सत्र में नई किताबें बच्चों को दी जाएंगी। वहीं आशासकीय स्कूलों में नया सत्र शुरू हो चुका है, जहां पर पुरानी किताबों से ही पढ़ाई चल रही है।
पहली से 10वीं तक शिक्षा नि:शुल्क देने के आदेश
शासन ने पहली से 10वीं तक शिक्षा नि:शुल्क कर दिया है। चाहे वह निजी स्कूल हो या फिर शासकीय स्कूल। 10वीं तक की किताबें शासन मुहैया कराएगा। निजी स्कूलों में नए शिक्षा सत्र की पढ़ाई मुख्य परीक्षा के बाद शुरू कर दी गई। वहीं किताब बदलने की सूचना सभी स्कूल प्रबंधन, प्राचार्य व प्रधानपाठकों को दे दी गई है। लेकिन किताबों में बदलाव की जानकारी शिक्षकों को नहीं दी गई, जिसके कारण बच्चों को पुरानी किताबों से पढ़ाई कराई जा रही है।
मई-जून में करेंगे वितरण
इस वर्ष अप्रैल में किताबों का वितरण नहीं किया जा रहा है, क्योंकि अब 16 जून से ही शिक्षा सत्र माना जाएगा। इसलिए किताबों का वितरण मई-जून में ही करेंगे। वहीं अभी तक करीब 60 प्रतिशत किताब ही कवर्धा के छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम भंडार में पहुंची है। जैसे ही 40 प्रतिशत और आ जाएगी तो विरतण शुरू किया जाएगा।
हिंदी और अंग्रेजी मीडियम में बदली किताबें
हिन्दी माध्यम की पहली से पांचवीं तक गणित पूरी तरह से बदल गई है। कक्षा छठवीं की सामाजिक विज्ञान भाग दो, सातवीं की गणित और आठवीं की छत्तीसगढ़ भारती को बदला गया है। अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लिए भी पहली से पांचवीं तक गणित बदल चुका है। पांचवीं में इन्वायरमेंट, छठवीं में सोशल साइंस पार्ट 2, सातवीं में गणित और आठवीं में सप्लीमेंट्री रीडर में परिवर्तन किया गया है।
Published on:
23 Apr 2019, 9:02 AM IST
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