बारिश तो छोड़ों इस जिले के रेलवे अंडर ब्रिज में सालभर भरा रहता है पानी

बारिश तो बारिश गर्मी के दिनों में भी इन अंडरब्रिजों में पानी भरा रहता है। अभी बारिश के दिनों में तो स्थिति और दयनीय है। इस ब्रिज का उपयोग ही नहीं हो पा रहा है।

By: Satya Narayan Shukla

Published: 20 Jul 2018, 11:56 AM IST

बालोद. जनता की सुविधा के लिए बिना योजना के बनाए रेलवे अंडरब्रिज ने हजारों ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है। कहा जाए रेलवे विभाग ने राहगीरों के लिए राहत कम आफत ज्यादा खड़ी कर दी है। बारिश तो बारिश गर्मी के दिनों में भी इन अंडरब्रिजों में पानी भरा रहता है। अभी बारिश के दिनों में तो स्थिति और दयनीय है। इस ब्रिज का उपयोग ही नहीं हो पा रहा है। इसका उपयोग करना किसी खतरे को आंत्रित करने के समान है। पर सालभर से तैयार इस ब्रिज को जनता के लायक अभी तक तैयार करने में ठोस पहल नहीं की जा सकी है।

ऐसे स्थाइ निर्माण भी जल्दबाजी में
यह हाल जिला मुख्यालय के पाररास ही नहीं बल्कि खैरवाही-टेकापार गुंडरदेही के पास अंडरब्रिज सहित जिलेभर में बनाए गए नए अंडरब्रिज लोगों को परेशान करके रख दिया है। दूसरी ओर रेलवे के प्रबंधक का बेतुका बयान आया है कि ये ब्रिज जल्दबाजी में तैयार किया गया है। सवाल है कि ऐसे स्थाइ निर्माण भी क्या जल्दबाजी में किया जा सकता है?

बेतुका बयान : जल्दबाजी में बनाया ब्रिज
इधर बालोद नगर पालिका क्षेत्र के बूढ़ापारा वार्ड के पार्षद कसुमुद्दीन कुरैशी ने गुरुवार को रायपुर रेलवे के रेल प्रबंधक से मुलाकात कर इस समस्या के बारे में चर्चा की। कसुमुद्दीन ने बताया रेलवे अधिकारी ने भी माना है कि अंडरब्रिज को जल्दबाजी में बनाया गया है। अंडरब्रिज की स्थिति को देखने रायपुर रेलवे की टीम भी जल्द बालोद क्षेत्र के सभी अंडरब्रिजों की स्थिति देखने पहुंचेगी। मामले में आम लोगों ने विभाग से ही सवाल किया है कि क्या ऐसे भारीभरकम काम ऐसे ही बिना किसी योजना के बना दिए जाते हैं?

विभाग के सारे दावे फेल, फिर भरा अंडरब्रिज में पानी
इधर रेलवे विभाग ने पहले तो ब्रिज के कारण प्रभावित ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि अब अंडरब्रिज में जिस जगह से सीपेज हो रहा है उस जगह की मरम्मत किया जाएगा। इससे पानी नहीं रिसेगा। इसके लिए रेलवे के अधिकारियों ने बाकायदा सीपेज व पानी निकलने की जगहों को लाल घेरा कर मरम्मत करने चिन्हांकित किया था। उसके बाद हाल ही में सीपेज वाली जगहों की मरम्मत भी कराई थी, पर मरम्मत में किए हजारों रुपए के काम के बाद भी स्थिति जस की तस है। रेलवे द्वारा लोगों को अंडरब्रिज से राहत देने की दावे ही फेल हो चुके हैं।

 

Balod patrika

अब तो बना दो पाररास में ओवरब्रिज
पार्षद कुरैशी ने बताया कि वह मामले में रेलवे के प्रबंधक कौशल किशोर से भी चर्चा की। अंडरब्रिज से परेशानी दूर करने के साथ ही बालोद पाररास रेलवे फाटक से हो रही परेशानी रखी। बता दें कि इस रेलवे फाटर के पास ओवरब्रिज बनाना बहुत ही जरुरी हो गया है, क्योंकि बालोद में अब जनसंख्या के साथ ्िजला बनने के बाद वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। दूसरी ओर ट्रेन आने पर लगभग 10 से 15 मिनट तक रेलवे फाटक बन्द रखा जाता है, जिससे और ज्यादा परेशानी खड़ी हो जाती है। यही नहीं हद तो तब हो जाती है जब रेलवे फाटक बन्द हो और रेल का इंजन खराब हो जाए या अन्य कारण में सामने आए हैं। ऐसे में दो घंटे तक फाटक पर ही लोग अटके रहते हैं।

अंडरब्रिज में सांप से स्कूली बच्चे परेशान
जानकारी मिली है कि रेलवे अंडरब्रिज में भरे पानी में सांप भी परेशानी पैदा कर रहा है। यही नहीं अंडरब्रिज में 2 से 3 फीट तक पानी भरे रहने से लोगों को आने-जाने में खासे परेशानी का सामना कर रहे हैं। खासकर स्कूली बच्चों को और ज्यादा दिक्कतें हो रही है।

स्थिति देखने एक-दो दिनों में पहुंचने वाले हैं अधिकारी
गुरुवार को रेलवे अधिकारी से मिलकर आने के बाद पार्षद कसुमुद्दीन कुरैशी ने कहा अधिकारी दो-तीन दिनों के भीतर बालोद आने की बात कही है। जहां वे अंडरब्रिज को देखेंगे और लोगों की सुविधा के लिए पहल करेंगे। बता दें कि रेलवे द्वारा ग्राम खैरवाही में किलोस्कर लगाकर पानी खींचा जा रहा है, पर भी अंडरब्रिज में पानी भर रहा है। इधर पाररास में तो नगर पालिका पानी खींचने के लिए पंप लगाया है पर भी स्थिति जस की तस है।

जानकारी उच्च अधिकारी को दी गई
जेई, रेलवे बालोद उमा शंकर ने बताया कि अंडरब्रिज में भर रहे पानी को मशीन से निकाला जा रहा है, ताकी लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो। इस स्थिति की जानकारी उच्च अधिकारी को दी गई है।

Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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