शासन ने खरीदी की लिमिट आधे से भी कम की, तौलकों ने किया विरोध, लिमिट बढ़ाने तक नहीं करेंगे धान का वजन

बालोद जिले के धान खरीदी केंद्रों में अचानक धान की लिमिट कम कर दी गई है। सोमवार को जिले के पोंडी खरीदी केंद्र में अचानक इस संबंध में आदेश पहुंचा। इससे नाराज तौलकों ने धान तौलने से मना कर दिया। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

बालोद @ patrika. जिले के धान खरीदी केंद्रों में अचानक धान की लिमिट कम कर दी गई है। सोमवार को जिले के पोंडी खरीदी केंद्र में अचानक इस संबंध में आदेश पहुंचा। इससे नाराज तौलकों ने धान तौलने से मना कर दिया। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। केंद्र में ही तौलकों ने नारेबाजी की। @ patrika . तौलकों का कहना है धान की आवक घटाने से हमें मजदूरी भी नहीं पड़ेगी। ऐसे में कैसे काम करेंगे। अब जब तक लिमिट नहीं बढ़ाएंगे, तब तक धान नहीं तौलेंगे।

4 हजार कट्टा तक होती है आवक
तौलक ठेकेदार संतूराम ने बताया कि पोंडी खरीदी केंद्र आसपास के बड़े केंद्र में शामिल है। यहां प्रतिदिन 3500 से लेकर 4 हजार कट्टे धान की आवक होती है। लेकिन सोमवार को नए आदेश से तौलकों में नाराजगी है। एनआईसी ने अब इस खरीदी केंद्र में धान की प्रतिदिन आवक 19 सौ कट्टा करने के निर्देश दिए हैं। कम्प्यूटर लॉक कर दिया है। यहां अब प्रतिदिन 19 सौ कट्टा से ज्यादा धान की खरीदी नहीं होगी।

आदेश शासन का हम मजबूर, किसानों में नाराजगी
मामले में पोंडी केंद्र के प्रबंधक भीखम साहू ने बताया कि यह आदेश शासन का है। ऊपर से ही सीधे कम्प्यूटर में 19 सौ बारदाने धान प्रतिदिन खरीदने के लिए लॉक कर दिया गया है। वहीं सोमवार की सुबह प्रतिदिन की तरह लगभग तीन हजार से अधिक बारदाने लेकर किसान आए थे पर नए नियम के तहत किसानों को वापस जाना पड़ा। किसानों ने इस नियम के जमकर विरोध भी किया और अपने धान को वापस ले गए। यह स्थिति जिले के सभी केंद्रों में है।

नई लिमिट के तहत होगी खरीदी
नोडल अधिकारी आरके आलेंद्र ने बताया कि यह आदेश एनआईसी का है। उसी के तहत धान की खरीदी की जा रही है। कुछ जगहों में इससे नाराजगी की जानकारी मिली है। स्थिति का जायजा लिया जाएगा।

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IMAGE CREDIT: balod patrika

जिनका खेत 5 एकड़ से ज्यादा, उनका फिर से होगा सत्यापन, तब खरीदा जाएगा धान
बालोद/गुरुर @ patrika . सोमवार को धान खरीदी केंद्र गुरुर में 6 किसानों को धान बेचने परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिससे किसान आक्रोशित हो गए थे। मामला सुबह 11 बजे का है, जहां टोकन कटने के बाद किसान अपना धान मंडी में बेचने लाए थे, किंतु समिति प्रबंधक ने 5 एकड़ से ज्यादा वाले किसानों का धान खरीदने से मना कर दिया गया। जिससे किसान नाराज हो गए। वहीं पटवारी ने पुन: सत्यापन करने के बाद, जिसमें ऋण पुस्तिका, टोकन, खसरा नंबर मिलान करने के बाद ही किसानों का धान खरीदा।

पटवारी से कराया जाएगा सत्यापन
समिति प्रबंधक एवं समिति अध्यक्ष ने बताया कि हमारे पास ऊपर से आदेश आया था कि 5 एकड़ से ज्यादा वाले किसानों का धान पुन: पटवारी से सत्यापन करने के बाद ही खरीदा जाए। किसानों जितेंद्र कुमार, मोतीलाल दरगहन, भीम सिंह, भूपेश कुमार ठेकवाडीह, लतखोर सिंह, सदासिंह ने बताया कि सुबह से ही हम धान लेकर मंडी आए थे, जहां हमारे धान को 2 घंटे बाद सत्यापन कर खरीदा गया। वहीं किसानों ने बताया कि इससे पहले वर्ष भी हम लोगों ने धान बेचा था, किंतु इस प्रकार से नियम नहीं थे। हम किसानों को अपना धान बेचने ना जाने आगे और क्या-क्या करना पड़ेगा।

नए-नए नियम लागू होने से किसान आक्रोशित
ज्ञात हो कि 7 दिसंबर को मंडी में प्रदेश के खाद्य सचिव एवं जिला कलेक्टर निरीक्षण में पहुंचे थे, जहां पर किसानों ने कलेक्टर से धान खरीदी का टारगेट बढ़ाने निवेदन किया था। जिला कलेक्टर ने किसानों को आश्वासन दिया था। वहीं केंद्रों में नए-नए नियम लागू होने से किसान आक्रोशित नजर आ रहे हैं। समिति प्रबंधक हेमंत गुरु ने बताया कि अब प्रतिदिन 1160 क्विंटल यानी 2900 कट्टा धान खरीदा जाएगा। यह आदेश जिला से प्राप्त हुआ है।

Chandra Kishor Deshmukh Bureau Incharge
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