पांच बार दिया आवेदन तब भी नहीं मिला गरीब 25 सदस्यीय परिवार को PM आवास का छत, पत्रिका ने उठाया मुद्दा, हरकत में आया प्रशासन

बालोद जिले के ग्राम लाटाबोड़ में गरीब परिवार ने पांच बार पीएम आवास योजना के लिए आवेदन दिया। इसके बाद भी छोटे से कच्चे मकान में रहने वाले 25 सदस्यीय परिवार को सरकारी मदद नहीं मिली।

By: Dakshi Sahu

Published: 28 Oct 2020, 02:06 PM IST

बालोद. जिले के ग्राम लाटाबोड़ में गरीब परिवार ने पांच बार पीएम आवास योजना के लिए आवेदन दिया। इसके बाद भी छोटे से कच्चे मकान में रहने वाले 25 सदस्यीय परिवार को सरकारी मदद नहीं मिली। योजना के लिए पात्र होने के बावजूद परिवार पिछले पांच साल से प्रशासनिक अमले से मदद की गुहार लगाते-लगाते थक गया। जिसके बाद पत्रिका ने इस परिवार की समस्या को गंभीरता से प्रकाशित किया तब जाकर प्रशासन और पंचायत की नींद टूटी। अब कच्चे व जर्जर मकान में 4 परिवार के 25 सदस्य रहने की खबर मिलने के बाद प्रशासन ने परिवार की पूरी जानकारी मंगाई है। अधिकारी भी मान रहे हैं कि इस परिवार के पास रहने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। घर में रहने की समस्या ज्यादा है और मकान कच्चा है तो उसे रहने के लिए पंचायत आबादी जमीन उपलब्ध करा सकता है। इस परिवार की समस्या को पत्रिका ने मंगलवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद जनपद पंचायत के अधिकारी ने भी सरपंच व सचिव से चर्चा कर इस परिवार की समस्याओं को पंचायत स्तर पर पहल करने के निर्देश भी दिए।

जनपद पंचायत की सामान्य सभा में उठा मुद्दा
यही नहीं यह मुद्दा मंगलवार को जनपद पंचायत बालोद की सामान्य प्रशासन की बैठक में भी जनपद अध्यक्ष प्रेमलता साहू ने उठाया। इस पर राहत दिलाने पर चर्चा की गई। अब प्राशसनिक स्तर पर प्रयास होने के बाद इस परिवार को उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है। परिवार को भरोसा है कि जल्द आबादी भूमि या आवास योजना का लाभ मिल सकेगा। ग्राम लाटाबोड़ के सरपंच गंगा प्रसाद साहू ने भी माना कि चन्द्रहास सोरी का परिवार परेशानी में है। छोटे से मकान में रहकर रह रहे है, उसे आबादी जमीन दिलाने का प्रयास करेंगे। जल्द ही पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक कर चर्चा की जाएगी।

पांच बार दिया था आवेदन
ग्राम पंचायत सरपंच ने कहा कि पहले कितने बार आवेदन दिए इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन इस परिवार से आवेदन मंगाकर पंचायत में समस्या को दूर करने पर चर्चा की जाएगी। परिवार के सदस्य चन्द्रहास ने बताया कि साल 2015 से कुल 5 बार आवेदन दे चुके हैं। उस आवेदन में स्पष्ट लिखा है कि उनके परिवार में रहने लायक जगह नहीं है। आबादी जमीन या आवास योजना का लाभ दिया जाए।

तत्काल आवेदन मंगाकर पंचायत में करें चर्चा
खबर प्रकाशन के बाद जनपद पंचायत बालोद के पंचायत निरीक्षक चम्पेश्वर यदु ने मामले को गम्भीरता से लिया। परिवार की पूरी जानकारी मंगाई है। सचिव को भी निर्देश दिए कि ज्यादा दिक्कत इस परिवार को है तो तत्काल आवेदन मंगाकर पंचायत में चर्चा कर आबादी जमीन दिलाने का भी प्रयास कर सकते हंै।

तीन कमरों को भाइयों ने आपस में बांट लिया
लाटाबोड़ के इस परिवार में 25 सदस्य हैं। तीन भाइयों में बंटवारा हो गया है। कच्चे मकान में तीन कमरे हैं। तीनों भाई अपने पूरे परिवार के साथ एक-एक कमरे में ही रहते हैं। वहीं खाना बनाते हैं, वहीं सोते हैं। मेहमान आए तो उसके लिए जगह नहीं है। इस वजह से घर की स्थिति देख मेहमान तक नहीं आते।

मकान की स्थिति बेहद जर्जर कभी भी ढह सकता है
परिवार जिस मकान में रह रहा है, वह जर्जर हो चुका है। पीछे का हिस्सा कमजोर हो गया है। प्रशासन व पंचायत ने अनदेखी की तो कभी भी बड़ी घटना घट सकती है। पंचायत व प्रशासन को आगे आकर इस परिवार की समस्यों को दूर करने का प्रयास करना होगा।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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