इस सरकारी स्कूल पर आया बॉलीवुड का दिल, सिल्वर स्क्रिन पर चमकेगी उपलब्धियां, कैसे यहां पढ़ें

इस सरकारी स्कूल पर आया बॉलीवुड का दिल, सिल्वर स्क्रिन पर चमकेगी उपलब्धियां, कैसे यहां पढ़ें

Dakshi Sahu | Publish: Sep, 06 2018 03:05:14 PM (IST) | Updated: Sep, 06 2018 03:05:15 PM (IST) Balod, Chhattisgarh, India

प्रदेश सहित स्मार्ट स्कूल के रूप में दिल्ली व फिल्म नगरी मुंबई तक पहचान बन गई है। यही कारण है कि देश की राजधानी दिल्ली व माया नगरी मुंबई की फिल्म निर्माण की टीम ने ग्राम पुरुर में संचालित प्राथमिक शाला के इस स्मार्ट स्कूल पर एक शार्ट फिल्म बनाई है।

सतीश रजक @बालोद. जिले के एक गांव में ऐसा स्कूल संचालित हो रहा है जहां बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ योग की शिक्षा और हरे-भरे पेड़-पौधों व जैविक सब्जियों से भरे स्कूल परिसर ने देश की राजधानी दिल्ली और फिल्म नगरी मुंबई की टीम को भी आकर्षित किया है। इसे लेकर एक शार्ट फिल्म में इस स्कूल की रचनात्मकता का फिल्मांकन दिल्ली में किया गया है।

गुरूर ब्लाक के ग्राम पुरुर के शिक्षकों ने किताबी ज्ञान के साथ विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ते हुए स्कूल को स्मार्ट बना दिया है। यहां के बच्चे मध्याह्न भोजन में स्कूल परिसर में जैविक खाद से उगाई गई सब्जियां खाते हैं। शिक्षक की प्रेरणा से स्कूल परिसर में किसी भी तरह की रासायनिक खाद का उपयोग नहीं किया जाता। दूसरी ओर आश्रम शिक्षा की तरह स्वास्थ्य रक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसलिए योग के गुर स्कूल के हर बच्चों में है।

स्वच्छता का पूरा ध्यान के साथ आकर्षक उद्यान की देख-रेख सब मिलकर करते हैं। बच्चों के साथ बेहतर क्रियान्वयन करते हुए स्कूल को पूरी तरह आकर्षक रूप से सजाया गया है। शाला प्रवेश द्वार ने सब को मोहित कर देता है। इसलिए प्रदेश सहित स्मार्ट स्कूल के रूप में दिल्ली व फिल्म नगरी मुंबई तक पहचान बन गई है। यही कारण है कि देश की राजधानी दिल्ली व माया नगरी मुंबई की फिल्म निर्माण की टीम ने ग्राम पुरुर में संचालित प्राथमिक शाला के इस स्मार्ट स्कूल पर एक शार्ट फिल्म बनाई है। फिल्मांकन का प्रसारण दिल्ली से किया गया।

स्कूल के प्रभारी प्रधान पाठक मदन लाल साहू के एक बेहतर सोच ने स्कूल को नई पहचान दिलाई है। इसी वजह से स्कूल का परीक्षा परिणाम भी बेहतर है। ऐसा आदर्श प्रस्तुत करने के कारण ही जिला प्रशासन व जिला महिला बाल विकास मंत्री ने इस स्कूल व इस शिक्षक का सम्मान किया है। प्रभारी प्रधान पाठक मदन लाल साहू स्कूल को बेहतर बनाने के लिए जो नवाचार किया है वह स्कूल नेशनल हाइवे के किनारे के कारण इस स्कूल को देखने अधिकारी आते रहते हैं। वे मार्गदर्शन के साथ व्यवस्था की सराहना करते नहीं थकते।

साहू ने बताया उनके प्रयास से प्राथमिक स्तर पर कंप्यूटर शिक्षा की आधारभूत ज्ञान देने के लिए प्रयास किया गया है। विनायक फ्यूल के संचालक आदित्य सिंह पीपरे ने कंप्यूटर दान में दिया है। अर्थ दान के रूप मे भी शिक्षक ने अपने साथ लगभग 70000 हजार की राशि शाला विकास के लिए दान के रूप में जन सहयोग ले लिया। प्रधान पाठक मदन लाल ने बताया उनका सिर्फ एक ही मकसद है कि बेहतर स्कूल रहे और विद्यार्थी दूसरे से श्रेष्ठ स्थान बनाए। विद्यार्थियों को पुस्तकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी देना आवश्यका है। सभी के सहयोग से स्कूल में नवाचार किया जा रहा है।

प्रधान पाठक साहू ने जानकारी दी कि जनजाति वर्ग के बच्चों (गोंड़-गौरिया) को शिक्षा की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए विशेष प्रयास कर पूर्ण नामांकन एवं प्रति दिन उनेके मोहल्ले में जाकर बच्चों एवं पालकों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जाता रहा है। वहीं पालकों को शाला से जोडऩे में विशेष प्रयास किया गया जिससे शाला के प्रगति उनमें विश्वास पैदा हुआ। स्कूल से हर खाली जगह का उपयोग करते हुए सब्जियों के उप्पादन पर ध्यान दिया गया।

स्कूल की ये उपलब्धियां
शाला का आकर्षक सौंदर्यीकरण : जन सहभागिता के अर्थदान से सुंदर बागवानी, आकर्षक शाला प्रवेश द्वार, कक्षाओं की बेहतरीन साज-सज्जा
किचन गार्डन : मध्याह्न भोजन के लिए परिसर में जैविक पद्धति से उगाई सब्जियों का उपयोग
स्मार्ट क्लास : एलइडी टीवी के माध्यम से पाठ्यक्रम, ज्ञान-विज्ञान की बढ़ाई
योग शिक्षा : बच्चों को योग शिक्षा से उनके स्वास्थ्य का ध्यान, प्रतिस्पर्धाओं में परचम
गतिविधियों ने किया आकर्षित : यहां के बच्चों के योग को मुंबई फिल्म सिटी ने फिल्मांकन किया है।
बस्ता के बोझ से मुक्ति : बस्ते के बोझ से मुक्ति के लिए शाला में रैक का निर्माण व पाठ्य साम्री की व्यवस्था
खेलकूद में योगदान : बच्चे विभिन्न खेलों में खासकर खो-खो व योग में राज्य स्तर तक चयनित हुए हैं।
जन सहयोग से विकास : जन सहभागिता को बढ़ावा देते हुए शाला विकास के लिए ग्रामीणों से अर्थ की व्यवस्था की गई।

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