इंजीनियरों की तकनीक नहीं आई काम, अब रेलवे लेगा ग्रामीण के अनुभव का सहारा

इंजीनियरों की तकनीक नहीं आई काम, अब रेलवे लेगा ग्रामीण के अनुभव का सहारा

Chandra Kishor Deshmukh | Publish: Aug, 13 2018 08:10:10 AM (IST) Balod, Chhattisgarh, India

आम लोगों के बिना बाधा के आवागमन के लिए रेलवे विभाग ने जिले में दर्जन भर अंडरब्रिज का निर्माण किया है, पर उसका उपयोग ही नहीं हो पा रहा है। ऊपर से ये ब्रिज परेशानी का सबब बन चुका है।

बालोद. ग्रामीण सहित शहरी आम लोगों के बिना बाधा के आवागमन के लिए रेलवे विभाग ने जिले में दर्जन भर अंडरब्रिज का निर्माण किया है, पर उसका उपयोग ही नहीं हो पा रहा है। ऊपर से ये ब्रिज परेशानी का सबब बन चुका है। बारिश तो बारिश गर्मी के दिनों में भी इसमें पानी भरा रहता है। इसका कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। बिना योजना के बनाए गए अंडरब्रिज से अब रेलवे विभाग भी परेशान हो गया है। यही नहीं इस ब्रिज का विरोध भी शुरू हो गया है।

अधिकारियों ने बताई तकनीकी खामी
मामले में रेलवे विभाग के अधिकारियों ने तकनीकी खामी बताते हुए तकनीकी तरीके से अंडरब्रिज की जांच कर उसकी मरम्मत करने की बात कह रहे हैं। यह स्थिति ब्रिज के तैयार होने के बाद से बनी हुई है। ऐसे में कहा जाए विभाग के पास इस परेशानी का समाधान नहीं दिख रहा है। ऐेसे समय में एक ग्रामीण द्वारा इस परेशानी को दूर कर देने का दावा करने पर उसके तकनीक का सहारा लेने वाले हैं। मामले में अनुभवी ग्रामीण का मानना है कि वह पाताल सोखता निर्माण करके ब्रिज में भरने वाले पानी के समाधान का दावा किया है। इसलिए रेलवे विभाग पाताल सोखता बनाने वाले से संपर्क कर रहा है। मामले पर रेलवे अधिकारी बुन्देला ने बताया पानी सोखन के लिए पाताल सोखता निर्माण करने वाले से संपर्क कर रहे हैं।

ग्रामीण रेलवे अधिकारी से आज मिलेंगे
जिले के रेलवे लाइन में रेलवे विभाग लगभग एक दर्जन जगहों पर रेलवे अंडरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। कुछ तो बनकर तैयार है, तो कुछ का निर्माण चल रहा है, पर अंडरब्रिजों में पानी भरने की लगातार शिकायत मिल रही है। ग्रामीणों के अनुसार इस कारण इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

24 घण्टे में करेंगे पाताल सोखता का निर्माण
इधर रेलवे विभाग पाताल सोखता निर्माण करने वाले से संपर्क कर रहे हैं। विभाग ने नेवारीकला के सोखता निर्माण करने वाले यशवंत लोहार के अनुभव का लाभ लेना चाहते हैं। बता दें कि यशवंत लोहार ने कलक्टर को आवेदन देकर दावा किया है कि वह 24 घण्टे में ऐसा पाताल सोखता का निर्माण करेगा जिसमें जितना भी पानी आएगा वह सोख लेगा, ऐसे में अंडरब्रिज में पानी ही नहीं भरेगा।

इधर ये भी दावा : पाताल सोखता निर्माण से अंडरब्रिज में नहीं भरेगा पानी
ग्राम नेवारीकला निवासी यशवन्त लोहार ने दावा किया है कि वह ऐसा पाताल सोखता का निर्माण करेगा उससे जितना भी पानी गिरेगा या अंडरब्रिज का पानी पाताल सोखता के अंदर चला जाएगा। इससे अंडरब्रिज में पानी नहीं भरेगा। यशवन्त का कहना है कि वह बीते 20 साल से बोर मशीन बनाने का काम कर रहे हैं और वह अब पाताल सोखता की पूरी प्रक्रिया जानता है की किस तरीके से पानी का सोखन तेजी से कर पाएगा। उनका कहना है उसे इस मामले पर एक मौका दिया जाए। उन्होंने कहा इसके लिए उन्होंने कलक्टर को पत्र सौंपा है। अब रेलवे के अधिकारी भी उनसे सम्पर्क कर रहे हैं। मामले पर रेलवे अधिकारी बुन्देला ने बताया पानी सोखने के लिए पाताल सोखता निर्माण करने वाले से संपर्क कर रहे हैं।

अंडर ब्रिज की गंदगी निकालने में लगे मजदूर
इधर रेलवे विभाग अब मजदूर लगाकर पाररास बूढ़ापारा रेलवे अंडरब्रिज से गंदगी निकलवा रहा हैं। अंडरब्रिज में दलदल हो गया है जिसकी सफाई करा रहे हैं। रेलवे एडीएमआर के आने से पहले और सफाई कराए थे। बारिश से मिट्टी बहकर अंडरब्रिज में आते हैं जिससे दलदल हो जाते हैं। इस दलदल से किलोस्कर खराब होने का डर लगा रहता है।

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