रेलवे अफसर ने 37 परिवार को बयान लेने रायपुर बुलाया, दिनभर कराया इंतजार और नहीं मिले, बिजली सब स्टेशन बनाने जगह खाली करने दिया है नोटिस

मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय रायपुर मेें बुलाकर सुबह 11 से शाम 6 बजे तक इंतजार कराने के बावजूद रेलवे के अधिकारियों ने राजहरा के पीडि़त लोगों एवं जनप्रतनिधियों से मुलाकात नहीं की। इससे नगर में आक्रोश है। नगरपालिका अध्यक्ष शीबू नायर ने जिम्मेदार रेल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

By: Chandra Kishor Deshmukh

Published: 23 Feb 2021, 07:27 PM IST

बालोद/दल्लीराजहरा. मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय रायपुर मेें बुलाकर सुबह 11 से शाम 6 बजे तक इंतजार कराने के बावजूद रेलवे के अधिकारियों ने राजहरा के पीडि़त लोगों एवं जनप्रतनिधियों से मुलाकात नहीं की। इससे नगर में आक्रोश है। नगरपालिका अध्यक्ष शीबू नायर ने जिम्मेदार रेल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रेलवे ने दल्लीराजहरा में विद्युत सब स्टेशन बनाने वार्ड-27 में निवासरत 37 लोगों को नोटिस जारी कर मकान खाली करने कहा है। ये परिवार वार्ड में 40 से अधिक वर्षों से निवासरत है। रेलवे ने फिर से नोटिस जारी कर बयान दर्ज करने 19 फरवरी को रायपुर में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय मेंं बुलाया था। सभी परिवारों ने नगरपालिका अध्यक्ष शीबू नायर से सहयोग की गुहार लगाई। इसके बाद नगरपालिका अध्यक्ष, वार्ड-27 पार्षद सूरज विभार, एल्डरमैन प्रमोद तिवारी, विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष हरीश साहू के साथ पीडि़त परिवार मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय रायपुर में पहुंचे थे।

नाराज होकर सभी लौट आए
रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों ने सुबह 11 से शाम 6 बजे तक अलग-अलग समय देकर सभी इंतजार कराया, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं की। न ही बयान लिया। दिनभर गुमराह किया जाता रहा। रेलवे अधिकारियों के रवैये से क्षुब्ध होकर शाम 6 बजे के बाद सभी दल्लीराजहरा लौट आए।

सख्त कार्रवाई के लिए सौंपा पत्र
पीडि़त परिवारों और जनप्रतिनिधियों को गुमराह करने वाले रेलवे अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने नगरपालिका अध्यक्ष शीबू नायर ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक, कलेक्टर बालोद, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व दल्लीराजहरा एवं नगर पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपा है। नगरपालिका अध्यक्ष ने कहा कि 19 फरवरी को सुबह 11 बजे अपर मंडल रेल प्रबंधक एवं संपदा अधिकारी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर के समक्ष सभी 37 पीडि़त परिवार को उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।

अधिकारी के पास जनप्रतिनिधियों और पीडि़त परिवारों के लोगों से मिलने का समय नहीं था
सभी परिवार के व्यक्ति नगर के जनप्रतिनिधियों के साथ समय पर संबंधित अधिकारी के कार्यालय में उपस्थित हुए। दोपहर 1 बजे तक इंतजार कराया। फिर कुछ अधिकारियों ने बताया कि अपर मंडल रेल प्रबंधक ने मिलने के लिए शाम 5:30 बजे का समय निर्धारित किया है। सभी शाम 5:50 बजे तक कार्यालय के बाहर इंतजार करते रहे, लेकिन तीसरी बार भी रेलवे के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के पास जनप्रतिनिधियों और पीडि़त परिवारों के लोगों से मिलने का समय नहीं था। इसके बाद सभी दल्लीराजहरा लौट आए। पीडि़त परिवार गरीब हैं। दैनिक रोजी मजदूरी कर भरण पोषण करते हैं। रेलवे प्रबंधन का रायपुर बुलाना और मिलने से मना कर देना समझ से परे है। रेलवे प्रबंधन अधिकारी के गैर जिम्मेदाराना हरकत से हमारी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। जिससे अधिकारी के खिलाफ आक्रोश है, जिसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

बयान के लिए अब रायपुर नहीं जाएंगे
नगरपालिका अध्यक्ष स्पष्ट तौर पर कहा कि रेलवे के गैर जिम्मेदार अधिकारी दुव्र्यवहार नाराजगी है। भविष्य मेें इस मामले मेें कोई भी बयान या सुनवाई की जाती है तो वह दल्लीराजहरा में ही की जाए। इस मामले में अब हम दल्लीराजहरा से रायपुर नहीं जाएंगे। आने वाले दिनों में रेलवे प्रबंधन के तानाशाही रवैये का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

Chandra Kishor Deshmukh Bureau Incharge
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