Mother's day: टीचर मां को बेटी दिया सोच, अब लोगों को कोरोना से बचाने हाथ से सिलकर बांटती है मास्क

Mother's day 2021: डौंडीलोहारा के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल में व्याख्याता 46 वर्षीय सीमा जमावन्ते मां होने के साथ में कोरोना वॉरियर की भूमिका निभा रही हैं।

By: Dakshi Sahu

Updated: 09 May 2021, 12:11 PM IST

बालोद. आज पूरा देश कोरोना महामारी (coronavirus pandemic) की लड़ाई लड़ रहा है। वहीं कई ऐसी महिलाएं हैं, जो इस लड़ाई में शासन-प्रशासन व स्वास्थ्य कर्मियों का साथ निभा रही हैं। मदर्स डे (Mother's day) पर एक ऐसी ही एक मां की कहानी आपको बता रहे हैं जो अपने हाथों से मास्क (Face Mask) सिलकर लोगों को मुफ्त में बांटती है और इस काम में उनकी बेटी भी हाथ बंटाती है। उनका कहना है कि अगर जिस तरह से एक मां अपने बच्चों की देखरेख करती है उसी तरह समाज को भी पोषित कर सकती है। बस जरूरत है एक पहल की।

हैंड बेग में लेकर चलती है मास्क
डौंडीलोहारा के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल में व्याख्याता 46 वर्षीय सीमा जमावन्ते मां होने के साथ में कोरोना वॉरियर की भूमिका निभा रही हैं। शिक्षिका घर में अपनी बेटी व परिवार का ख्याल रखती हैं। वहीं लोगों को कोरोना से बचाने नि:शुल्क मास्क भी बांटती हैं। सीमा अब तक लगभग 5 हजार मास्क नि:शुल्क बांट चुकी हैं। उन्होंने पत्रिका से कहा कि वह जब भी सड़क पर गुजरती है तो कई लोग बिना मास्क के दिखाई देते हंै। अपने हैंड बेग में मास्क हमेशा रखती है। जरूरतमंदों को नि:शुल्क देती है।

बेटी सिलाई करती हैं मास्क, मां बांटती है
शिक्षिका ने बताया कि मास्क बहुत जरूरी है। कोरोना की जंग जीतना है तो मास्क पहनना जरूरी है। उनकी बेटी अक्सर कहती रहती हैं कि मां घर में सिलाई मशीन है। कपड़े भी हैं, क्यों न मास्क सिलाई कर लोगों को बांट दें। मास्क सिलाई में बेटी हाथ बंटाती है। मां जरूरतमंदों को बांटती हैं।

लोग मास्क मांगने घर तक आते हैं
टीचर ने बताया कि वे कोरोना काल से मास्क की सिलाई कर रही हैं। अभी तक कितने मास्क बनाए हैं, इसकी गिनती नहीं है, लेकिन लगभग 5 हजार मास्क बना लिए हंै। खुशी इस बात की है कि लोग मास्क मांगने घर तक आते हैं। हम भी यही चाहते हैं कि लोग मास्क अनिवार्य रूप से पहने।

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