scriptRoad from Ghumka to Jungera could not be built even after three years | घुमका से जुंगेरा तक सड़क सीएम की घोषणा के तीन साल बाद भी नहीं बन सकी | Patrika News

घुमका से जुंगेरा तक सड़क सीएम की घोषणा के तीन साल बाद भी नहीं बन सकी

locationबालोदPublished: Jan 05, 2024 11:19:49 pm

बालोद जिले के घुमका, कोहंगाटोला एवं जुंगेरा तक बनने वाली सड़क की पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घोषणा की थी, लेकिन प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिली। विभाग फिर से शासन को प्रस्ताव भेजेगा।

अब नए मुख्यमंत्री से उम्मीद: बजट में पास किया, प्रशासकीय स्वीकृति नहीं दी

बालोद. जिले के घुमका, कोहंगाटोला एवं जुंगेरा तक बनने वाली सड़क की पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घोषणा की थी, लेकिन प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिली। विभाग फिर से शासन को प्रस्ताव भेजेगा। ग्रामीण वर्षों से मांग कर रहे हैं। अब नए मुख्यमंत्री से उम्मीद है। तीन साल पहले 8 करोड़ की स्वीकृति बजट में दी गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने जगन्नाथपुर में भेंट-मुलाकात में घोषणा की थी, तब ग्रामीणों ने पटाखे भी फोड़े थे।

ग्रामीणों को राहत देने चल रहा पेच वर्क
लोक निर्माण विभाग वर्तमान में जुंगेरा से घुमका तक सड़क पर हुए गड्ढों को भरा जा रहा है। पेचवर्क भी किया जा रहा है, जिसे ग्रामीणों व इस मार्ग में चलने वालों को थोड़ी राहत मिल सके। पूरी तरह से नवीनीकरण के लिए अभी समय लगेगा।

अधूरी सड़क को पूरा नहीं करने से नाराजगी
यह सड़क जुंगेरा से अर्जुंदा तक बननी है, लेकिन किसी कारण यह मार्ग घुमका से अर्जुंदा तक बनी, वहीं जुंगेरा से घुमका तक सड़क निर्माण नहीं किया गया। ग्रामीणों में नाराजगी है।

प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिलने से अटका काम
इस सड़क के नव निर्माण के लिए मांग कई दिनों से चल रही है। लोक निर्माण विभाग शासन को पत्र भी लिख चुका है। शासन ने दो साल पहले बजट में चार किमी की सड़क को बनाने 8 करोड़ की स्वीकृति दी है। अब प्रशासकीय स्वीकृति का इंतजार है।

ग्रामीणों ने कहा-सड़क निर्माण जरूरी

ग्रामीण राकेश, रोशन, दिलीप ने बताया कि घुमका से अर्जुंदा तक सड़क बन चुकी है। लाभ लोगों को मिल रहा है। कोहंगाटोला व जुंगेरा मार्ग की हालत खराब है। जगह-जगह गड्ढे खतरनाक बने हुए हैं। हालांकि सड़क का पेचवर्क हो रहा है, जिससे थोड़ी राहत मिलेगी।

स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा तकलीफ
होमनाथ सोनकर ने बताया कि यह मार्ग सीधे जिला मुख्यालय से जुड़ा हुआ है। मार्ग से रेवतीनवागांव, मनौद, खुर्सीपार, कोहंगाटोला के स्कूली बच्चे पढऩे आते हैं। सड़क खराब होने से सभी स्कूली बच्चे परेशान हैं। बारिश मे ंसड़क पर गड्ढे व कीचड़ हो जाता है।

पेचवर्क किया जा रहा
लोक निर्माण विभाग के ईई मधेश्वर प्रसाद ने कहा कि प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हुआ। वर्तमान में राहगीरों व ग्रामीणों को राहत दिलाने पेचवर्क किया जा रहा है।

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