सड़क ऊपर पुल नीचे, बारिश में ऊपर बहता है पानी

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के बनने के बाद पुल का निर्माण नहीं होने से सड़कें ऊपर हो गई हैं। पुल बहुत नीचे हो गया है, जिसके कारण बारिश में नदी का पानी पुलों के ऊपर चढ़ जाता है।

By: Chandra Kishor Deshmukh

Published: 24 Jul 2018, 09:10 AM IST

बालोद/गुरुर. ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के बनने के बाद पुल का निर्माण नहीं होने से सड़कें ऊपर हो गई हैं। पुल बहुत नीचे हो गया है, जिसके कारण बारिश में नदी का पानी पुलों के ऊपर चढ़ जाता है। ऐसे में उन्हें किसी दूसरे मार्ग से अधिक दूरी तय कर गंतव्य तक आना-जाना पड़ रहा है। मामले में ग्रामीणों ने पुल की ऊंचाई बढ़ाने की बात रखी थी, जिसकी विभाग ने अनदेखी कर दी थी, अब नतीजा परेशानी भरा है।

पुल सड़क से है नीचे
ग्राम धानापुरी से खैरडिगी की दूरी महज दो किलोमीटर है। इस मार्ग पर दो पुल पड़ते हैं। सड़क निर्माण के बाद ये पुल सड़क से नीचे हो गए हैं। पुल इतना नीचे है कि मुख्य मार्ग पर वह खाई की तरह हो गया है। सड़क बनने के दौरान ग्रामीणों ने पुलों के निर्माण की भी मांग की थी, लेकिन जिम्मेदारों ने इस बात की अनदेखी कर दी थी जिससे बारिश के दिनों में पानी पुलों के ऊपर चढ़ जाता है। पुल को पार करने में ग्रामीण एवं स्कूली बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

अब समय की बर्बादी के साथ आर्थित परेशानी भी
ग्राम धानापुरी से खैरडिगी मार्ग का डामरीकरण हो गया है। डामरीकरण के बाद सड़कें ऊंची हो गई हैं, लेकिन पुल अब भी उसी अवस्था में है। ग्राम खैरडिगी, बिच्छीबाहरा, सोंहतरा, मुडग़हन, जगतरा सहित अन्य ग्राम के ग्रामीण इसी मार्ग से होकर ब्लॉक मुख्यालय आते हैं। पुल में पानी होने के कारण ग्रामीणों को घूमकर आना पड़ता है, जिससे समय के साथ पैसे की भी बर्बादी होती है।

पुल के ऊपर हो गए हैं गड्ढे
ग्राम धानापुरी से खैरडिगी मार्ग पर स्थित दोनों पुल जर्जर हो गए हैं। पुल के ऊपर गड्ढे हो गए हैंं, जहां बरसात के दिनों में पानी भर जाता है जिससे वाहन चालक गिर रहे हैं। ऐसे में किसी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, इस बात की भी विभाग के जिम्मेदार अनदेखी कर रहे हैं।

खेतों का पानी भी पुल के ऊपर
पुल मुख्य मार्ग से लगभग 10 फीट नीचे है। खेतों से भी पुल 5 फीट नीचे है, जिससे बरसात के दिनों में खेतों का पानी मिट्टी एवं मलबों सहित पुल के ऊपर आ जाता है। पुल से पानी नाले में चला जाता है, लेकिन खेतों की मिट्टी पुल के ऊपर रह जाती है। इस मिट्टी से दोपहिया वाहन फिसलकर गिर रहे हैं। अभी तक वाहन एवं वाहन चालक पुल के ऊपर ही गिरे हैं लेकिन दोनों ही पुलों में रेलिंग नहीं होने के कारण ग्रामीणों के नाले में गिरने का खतरा बना हुआ है।

पुल बने 20 साल से अधिक
ग्राम खैरडिगी निवासी जय कुमार ठाकुर ने बताया कि तहसील कार्यालय, जनपद कार्यालय या अन्य कार्यों के लिए हमें ब्लॉक मुख्यालय जाना पड़ता है लेकिन पुल पर पानी होने से हम लोगों को घूमकर जाना पड़ता है, जिससे समय के साथ पैसे की बर्बादी भी होती है और समय पर कार्य भी पूरा नहीं हो पाता है। ग्रामीण किशोर ठाकुर ने बताया यह पुल बहुत ही पुराना है। इसको बने लगभग 20 साल से अधिक हो गया है।

छात्र-छात्राओं को होती है ज्यादा परेशानी
सड़क निर्माण के समय पुल को तोड़कर नया पुल बनाने की जानकारी अधिकारियों ने दी थी, लेकिन अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। ग्रामीण केशुराम तारम, गौतम ठाकुर, गोविंद ठाकुर ने बताया कि बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी पूर्व माध्यमिक शाला धानापुरी एवं महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को होती है। पुल में पानी होने के कारण पढ़ाई प्रभावित होती है।

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Chandra Kishor Deshmukh Bureau Incharge
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