गन्ने की 'मिठास' हुई कम, शक्कर कारखाने पर तालाबंदी का खतरा!

- मोहभंग : धान में मुनाफा देख किसानों ने गन्ने से मोड़ा मुंह, सालभर में 1269 हेक्टेयर गन्ना का रकबा घटा।
- 703 किसानों ने गन्ना उत्पादन किया बंद।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 25 Aug 2020, 11:32 PM IST

बालोद। बालोद जिले में लगातार गन्ने का रकबा घट रहा है। जिससे दंतेश्वरी मैय्या सहकारी शक्कर कारखाना करकाभाट के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। कारखाना प्रबंधन की कार्यप्रणाली व सरकार की ओर से गन्ना परिवहन की राशि बंद करने से यह समस्या खड़ी हुई है। वहीं धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपए प्रति क्विंटल करने से किसानों ने गन्ना उत्पादन से मुंह मोडऩ़ा शुरू कर दिया है।

राज्य सरकार ने इस बार अपने वादे के अनुसार किसानों से 355 रुपए की दर से गन्ना खरीदा लेकिन गन्ना परिवहन की राशि देना बंद कर दी है। यही वजह है कि 2018-19 की तुलना में 2019-20 में 1269 हेक्टेयर का रकबा घटा है। वहीं 703 गन्ना किसान भी घटे हैं। यही हालात रहे तो गन्ना कारखाना में ताला लटक जाएगा।

तीन साल में गन्ना उत्पादन की स्थिति

वर्ष- रकबा हेक्टेयर में - किसान
2017-18- 1582 -1500

2018-19- 2291 -2050
2019-20- 1022 -1320

किसानों की कई समस्याएं
किसानों ने इसके लिए कारखाना प्रबंधन के अलावा अन्य समस्याओं को जिम्मेदार बताया है। किसान मुन्ना मोहनमाला ने बताया कि किसानों को किसान गर्मी की फसल लेने के बाद खेत के आसपास धान की फसल लेने कारण गन्ना को खेत से बाहर निकालने में परेशानी होती है। जंगली ***** भी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे किसान इससे मुंह मोड़ रहे हैं।

कवर्धा से भी आता था गन्ना
शक्कर कारखाना से मिली जानकारी के मुताबिक पहले कारखाने में बेमेतरा, कवर्धा, धमतरी के किसान भी आते थे। जबसे गन्ना परिवहन राशि बंद हुई है तब से बालोद जिले के गन्ना किसानों के भरोसे ही कारखाना चल रहा है अन्य जिलों के किसानों ने आना बंद कर दिया है।समय पर भुगतान नहीं करने का आरोप

जिला गन्ना उत्पादक संघ के संरक्षक छगन देशमुख ने कहा कि जिले के किसान आज भी गन्ना बेचने के इच्छुक है बशर्ते सरकार समय पर भुगतान करे। इस बार सरकार ने देर से राशि का भुगतान किया। 2018-19 में सरकार ने 355 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गन्ना की खरीदी का वादा किया था, लेकिन 300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा। कारखाना प्रबंधन भी टोकन सिस्टम सुधारने की जरूरत है। अभी इसी में खामी होने के कारण किसानों को दो-चार दिन रुकना पड़ता है।

गुड़ फैक्ट्री खुलने का पड़ेगा असर
कारखाना चलाने के लिए गन्ना का पर्याप्त मात्रा में होना जरूरी है। गुंडरदेही ब्लॉक में नई गुड़ फैक्ट्री खुलने से कई किसान गन्ना वहां बेच देते हैं। जिससे कारखाना में गन्ने की आवक कम हो गई।

गन्ना का रकबा घटना चिंता का कारण है। किसानों का रुझान कम होने के कई कारण हैं। गांव-गांव में संपर्क कर जागरूक कर रहे हैं। सरकार ने बोनस सहित 355 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गन्ने की खरीदी का आदेश दिया है। इससे रकबा बढ़ेगा।
- बलदाऊ राम, अध्यक्ष, संचालक मंडल दंतेश्वरी मैय्या शक्कर कारखाना, करकाभाट

किसानों को गन्ना उत्पादन के लिए मनाने में परेशानी जरूर हो रही है। अभी तक करीब 300 किसानों ने गन्ना उत्पादन के लिए सहमति पत्र भरा है।
- ललित कुमार हरदेल, गन्ना विस्तार अधिकारी दंतेश्वरी मैय्या शक्कर कारखाना करकाभाट

Bhupesh Tripathi
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