इंसाफ के लिए मां ने मौत के 52 दिन बाद खुदवाया बेटी का कब्र, कहा मरी नहीं है...जालिमों ने बेरहमी से मारा है...

संदिग्ध परिस्थिति में नर्स की मौत के 52 दिन बाद उसका शव फिर से कब्र से बाहर निकाला गया। यह घटना जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम मुडख़ुसरा की है।

By: Dakshi Sahu

Published: 12 Jul 2021, 05:47 PM IST

डौंडीलोहारा/ बालोद. संदिग्ध परिस्थिति में नर्स की मौत के 52 दिन बाद उसका शव फिर से कब्र से बाहर निकाला गया। यह घटना जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम मुडख़ुसरा की है। मुडख़ुसरा निवासी 28 वर्षीय नर्स गामीन्ता साहू की संदिग्ध हालत में 20 मई को मौत हो गई थी। 21 मई को बालोद में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था। नर्स की मां और मायके पक्ष ने हत्या की आशंका के चलते शव को जलाने नहीं दिया। 52 दिन से शव गांव में ही दफन था। सोमवार को डीएसपी दिनेश सिन्हा, डौंडीलोहारा नायब तहसीलदार की उपस्थिति में शव निकाल कर पुन: पोस्टमार्टम किया गया। डौंडीलोहारा एसडीएम ने भी अनुमति दी है। सुरेगांव थाना प्रभारी यामन देवांगन ने बताया कि मायके पक्ष नेे हत्या की आशंका जताई है।

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पति का भिलाई की महिला से है प्रेम प्रसंग
मृतका की मां कलेन्द्री ने बताया कि बेटी का विवाह 2016 में हुआ था। इसके बाद पति से विवाद चलता रहा। दामाद का भिलाई की एक महिला के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा है। मृतका की मां ने बताया कि उनका दामाद हीरालाल (आर्मी जवान) लगातार उनकी बेटी को प्रताडि़त करता था। भिलाई से लौटने के बाद घर में मारपीट हुई है, जिसके बाद मेरी बेटी की मौत हुई है।

मोबाइल कर दिया फॉर्मेट
शरीर में चोट के निशान मौजूद थे। शव से पायल, झुमका गायब था। मेरी बेटी की मौत के बाद उसका मोबाइल फॉर्मेट कर दिया गया। वह ड्यूटी से बिल्कुल स्वस्थ घर पहुंची थी तो बिना कारण के मौत कैसे हो जाएगी। मौत दोपहर में हुई हमें दूसरे दिन बताया गया। सामाजिक बैठक में भिलाई की लड़की और दामाद हीरालाल ने अपनी गलती स्वीकार की थी।

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