तहसीलदार ने जब्त किया धान, दु:खी किसान ने कलेक्टर से मांगी इच्छा मृत्यु, पत्र लिखकर कहा दबा हूं कर्ज के बोझ तले

किसान ने कलेक्टर को आवेदन सौंप कर इच्छा मृत्यु मांगी है। किसान ने आवेदन में कहा है कि उसके धान को तहसीलदार ने जब्त कर लिया और उसे छोड़ा नहीं जा रहा है। (Farmer suicide in chhattisgarh)

By: Dakshi Sahu

Published: 01 Mar 2020, 01:55 PM IST

बालोद/ डौंडी. एक किसान ने कलेक्टर को आवेदन सौंप कर इच्छा मृत्यु मांगी है। किसान ने आवेदन में कहा है कि उसके धान को तहसीलदार ने जब्त कर लिया और उसे छोड़ा नहीं जा रहा है। उसका कहना है कि बारिश के कारण उसका धान अंकुरित हो गया है। इसलिए किसान ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। हालांकि इस संबंध में कलेक्टर का कहना है कि जब्त किया गया धान किसान का नहीं, कोचिए का है।

दरअसल डौंडी ब्लॉक के ग्राम किशनपुरी निवासी गिरधारी राम के 98 बोरा (कट्टा) धान को 6 जनवरी को डौंडी तहसीलदार प्रतिमा ठाकरे ने आमाडुला खरीदी केंद्र में जब्ती बना ली थी। जिसके बाद अभी तक उसके धान को नहीं छोड़ा गया है। किसान का कहना है कि इस बीच बेमौसम बारिश और समिति प्रबंधक द्वारा कैप कव्हर की व्यवस्था नहीं किए जाने से उसका धान बारिश में भीग गया और इसी वजह से उसका धान अंकुरित हो गया। जिसे बाद में भीगा और अंकुरित धान बताकर समिति में खरीदी किए जाने से इंकार कर दिया गया।

किसान के घर जांच करने पहुंची थी टीम
किसान का कहना है कि बारिश से पूर्व जब्त किए गए धान को बेचने की अनुमति भी उसके द्वारा मांगी गई थी, लेकिन अफसरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और बारिश से उसका धान भीगकर खराब हो गया। वहीं इस मामले में तहसीलदार ने एक टीम का गठन कर किसान के घर भेजा और वहां पर जांच में पाया गया कि उक्त किसान के घर में 15 क्विंटल धान इसी वर्ष का था और खेत का मुआयना कराए जाने पर किसान के पास सात एकड़ जमीन थी। इस पर उसने मात्र एक-डेढ़ पर ही धान की बुआई की थी। इसलिए मंडी में लाए गए धान पुराना होने या कोचिए के माध्यम से खपाए जाने की संभावना को देखते हुए उसे जब्ती की गई है।

किसान ने कहा- कर्ज पटाने का है दबाव
किसान ने आवेदन में कहा है कि एक अन्य किसान का भी धान जब्त किया गया था, लेकिन उसे छोड़ दिया गया, लेकिन मुझसे जब्त किए गए धान को अभी तक नहीं छोड़ा गया है। जिससे उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उस पर कर्ज पटाने का भी दबाव है। इस संबंध में तहसीलदार प्रतिमा ठाकरे ने पत्रिका से चर्चा करते हएु बताया कि किसान का धान पुराना था और उसमें कीड़े लग गए थे। इससे उसके धान की जब्ती बनाई गई,

हालांकि किसान ने पूर्व में भी समिति प्रबंधक समिति आला अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कर्ज में डूबे होने की जानकारी दी थी, लेकिन अफसरों सहित समिति प्रबंधक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बालोद कलेक्टर रानू साहू ने बताया कि किसान का आवेदन प्राप्त हुआ है। जब्त किया गया धान किसान का नहीं, कोचिए का था। नियमत: किसान दो फीसदी मंडी शुल्क अदा कर छुड़ा सकता है। मंडी के प्राधिकृत अधिकारी को सूचित किया गया है। जिले में मंडी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है।

Show More
Dakshi Sahu Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned