पुलिस विभाग में ऊंची पहुंच का झांसा देकर युवती से ठगे 2.70 लाख रुपए

पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 2 लाख 70 हजार रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को गुंडरदेही पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। उसने मंत्रालय में अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए बेरोजगार युवती नौकरी दिलाने की बात कही थी।

By: Chandra Kishor Deshmukh

Published: 04 Apr 2019, 08:20 AM IST

बालोद @ patrika . पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 2 लाख 70 हजार रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को गुंडरदेही पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मंत्रालय में अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए बेरोजगार युवती को झांसे में लेते हुए ठगी करने वाले आरोपी को बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

छत्तीसगढ़ सशस्त्र में आरक्षक ट्रेडमैन में भर्ती कराने का झांसा
गुंडरदेही थाना प्रभारी रोहित मालेकर से मिली जानकारी अनुसार फरवरी 2017 को थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हल्दी निवासी प्रार्थिया ढालेश्वरी निर्मलकर, पति लोकेश्वर निर्मलकर (24) जो कि खेती-किसानी का काम करती है, जिसने शिकायत दर्ज करवाई थी कि अर्जुन्दा थाना अंतर्गत ग्राम माहुद (अ) निवासी जय देवांगन, पिता महेश देवांगन (26) ने मंत्रालय में अपनी ऊंची पहुंच बताकर छत्तीसगढ़ सशस्त्र में आरक्षक ट्रेडमैन में भर्ती करा दूंगा कहकर 2 लाख 70 हजार रुपए ले लिए थे।

काम नहीं होने पर पैसे लौटाने का लिखित में किया था वादा
शिकायत में प्रर्थिया ने जानकारी दी कि पैसे लेने के बाद आरोपी जय देवांगन ने न ही नौकरी लगवाई और न ही पैसे वापस किए, जबकि आरोपी ने प्रार्थिया से लिखित में वादा किया था कि पैसे को जल्द लौटा देगा। बावजूद आज तक प्रार्थिया को पैसे नहीं मिले। उसके बाद प्रार्थिया ने गुंडरदेही थाने में आरोपी जय देवांगन के विरुद्ध नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत की थी।

420 में मामला दर्ज कर पुलिस ने की जांच
जांच के बाद पुलिस ने आरोपी जय देवांगन के खिलाफ 420 का मुकदमा गुंडरदेही थाने में दर्ज किया। उसके बाद आरोपी के विरुद्ध थाने में अपराध क्रमांक 126/19, धारा 420 भादंवि कायम कर मामले को विवेचना में लिया गया, जिसकी विवेचना अभी जारी है। प्रकरण में आरोपी जय देवांगन को बुधवार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया और रिमांड पर जेल भेजा गया।

भाई का दोस्त था इसलिए किया भरोसा
प्रार्थिया ढालेश्वरी ने अपनी शिकायत में बताया है कि आरोपी जय देवांगन उसके भाई युवराज का दोस्त था, जिसके कारण आरोपी का प्रार्थिया के घर में अक्सर आना-जाना लगा रहता था। इसलिए उस पर भरोसा किया था। फरवरी 2017 में ढालेश्वरी ने छतीसगढ़ सशस्त्र बाल की आरक्षक ट्रेडमैन भर्ती परीक्षा में शामिल हुई थी। बताया गया था कि आरोपी जय का मंत्रालय में ऊंची पहुंच है, इसलिए भर्ती तत्काल करवा देगा। इसलिए भाई युवराज ने आरोपी को 2 लाख 70 हजार रुपए दे दिए।

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Chandra Kishor Deshmukh Bureau Incharge
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