यहां के ग्रामीणों की मांग है कि उनका पंचायत स्वतंत्र हो

यहां के ग्रामीणों की मांग है कि उनका पंचायत स्वतंत्र हो
यहां के ग्रामीणों की मांग है कि उनका पंचायत स्वतंत्र हो

Chandra Kishor Deshmukh | Publish: Sep, 18 2019 08:22:22 AM (IST) Balod, Balod, Chhattisgarh, India

बालोद जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम पंचायत परसोदा के आश्रित ग्राम सोंहतरा, आबादी पारा व आवास पारा के तकरीबन 200 ग्रामीणों में जन चौपाल भेंट मुलाकात में कलक्टर से मुलाकात कर स्वतंत्र पंचायत बनाने ज्ञापन सौंपा है।

बालोद @ patrika. जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम पंचायत परसोदा के आश्रित ग्राम सोंहतरा, आबादी पारा व आवास पारा के तकरीबन 200 ग्रामीणों में जन चौपाल भेंट मुलाकात में कलक्टर से मुलाकात कर स्वतंत्र पंचायत बनाने ज्ञापन सौंपा है।

शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता
ज्ञापन सौंपने वाले ग्रामीण विकास समिति के अध्यक्ष पूरनलाल निर्मलकर, तामेश्वर साहू, मनोहर सिन्हा, रामनारायण साहू, ने बताया कि ग्राम सोंहतरा आबादी पारा व आवास पारा ग्राम पंचायत परसोदा से दो तीन किलोमीटर की दूरी पर है। ग्रामीण ग्राम पंचायत में चल रहे कार्यक्रम में सही समय पर नहीं पहुंच पाते जिसके चलते लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। ग्राम पंचायत में जब भी कोई सरकारी या प्रशासनिक कार्यक्रम होता है तो तीनों मोहल्ले के रहवासियों को खबर नहीं मिल पाती। गांव में जो भी अधिकारी आते है वे ग्राम पंचायत में ही जानकारी देकर चले जाते हैं जिससे तीन मोहल्ले के रहवासियों को उसका लाभ नहीं मिल पाता।

मतदाता की जनसंख्या 634
वर्तमान में ग्राम सोंहतरा की जनसंख्या 1100 तथा 2 सितंबर 2018 के अधिसूचना के आधार पर मतदाता की जनसंख्या 634 तथा वर्तमान में लगभग 700 है।

जल निकासी का उचित प्रबंध नहीं
ग्राम सोंहतरा में शासकीय योजनाओं से आवंटित राशि में जैसे पीएम आवास आदि के लाभ से ग्रामीणों में भेदभाव होता है। ग्राम सोंहतरा में सीसी मार्ग, पेयजल का अभाव, जल निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और वकास कार्यों से हमेशा उपेक्षित रहा है।

योजनाओं एवं सुविधाओं से ग्रामीण वंचित
ग्राम सोंहतरा प्राकृतिक आपदा से ग्रसित ग्राम है जो सेमरिया नाला एवं नहर नाली से घिरा हुआ है। बरसात में ग्राम सोंहतरा से मुख्यालय का संपर्क टूट जाता है। शासन की सभी जनहित योजनाओं एवं सुविधाओं से ग्रामीण वंचित हैं।

हमेशा विवाद एवं तनावपूर्ण स्थिति बनी
शासकीय अधिकारी कर्मचारी एवं ग्राम पंचायत परसोदा के सचिव, पटवारी, कृषि विकास अधिकारी आदि मुख्यालय तक ही सीमित रहते हैं। किसी भी शासकीय कार्य के लिए ग्राम सोंहतरा में कैंप आदि नहीं लगाया जाता। जिसके कारण ग्राम परसोदा एवं सोंहतरा के बीच हमेशा विवाद एवं तनावपूर्ण स्थिति बनी रहती हैं।

ये थे शामिल
ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों में भगतराम पटेल, भरत सिन्हा, रोहित कुमार साहू, दीनदयाल डड़सेना, नीलकंठ साहू, बनवाली सिंह, रामचरण, भीमसेन निर्मलकर, महेश कश्यप, रामकुमार सिन्हा, टेमन साहू, जितेंद्र साहू, विदेशी साहू, योगेश, शत्रुघ्न सिन्हा, चंद्रकुमार, वर्शन, रिखिराम साहू विक्रम सिंह, यामिनी सिन्हा, पोषण लाल, योगेश्वर, भूपेंद्र कुमार साहू, जितेंद्र कुमार साहू, गजरु राम, विक्रम सिंह, माखनलाल, युवराज, ऋषि राम साहू, पूर्णिमा, लक्ष्मी सिन्हा, चित्रलेखा, महेश कश्यप, रामनारायण साहू, खिलेंद्र कुमार, त्रिभुवन सिन्हा, परमानंद साहू, चंद्रकांत सिन्हा, नागेश्वर, रवि कुमार सिन्हा, लखेश्वरी देवी, जगनू राम शामिल थे।

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