कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी में दो मॉडल राज्य के लिए चयनित

राष्ट्रीय आविष्कार अभियान अंतर्गत कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी एवं विज्ञान गणित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन जिला स्तरीय आयोजन शुक्रवार को बेसिक शाला परिसर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर व मिशन समन्वयक पीसी मरकले द्वारा किया गया।

बालोद @ patrika. राष्ट्रीय आविष्कार अभियान अंतर्गत कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी एवं विज्ञान गणित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन जिला स्तरीय आयोजन शुक्रवार को बेसिक शाला परिसर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर व मिशन समन्वयक पीसी मरकले द्वारा किया गया।

सभी मॉडल कबाड़ से जुगाड़ करके बनाए गए
जिले से 10 शिक्षक शिक्षिकाओं छात्र-छात्राओं ने आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए। सभी मॉडल कबाड़ से जुगाड़ करके बनाए गए थे। जिसमें ग्रामीण फ्रिज, कूलर, अंडे के छिलके से खाद, साइकिल की टूटी रिंग से अकाश झूले शामिल थे। इसके अलावा स्कूली बच्चों ने और भी आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए।

कबाड़ से बनाया फ्रिज व कूलर
जिला मुख्यालय के कुंदरू पारा प्राथमिक शाला के शिक्षक केशव बंजारे ने मात्र 200 रुपए में ग्रामीण फ्रिज बनाया है। जिसमें शाक सब्जी को एक सप्ताह तक सुरक्षित रख सकते हैं। इस फ्रिज को घर में पड़ी लकड़ी के प्लेट व मच्छर जाली और मेडिकल ड्रिप पाइप, कोयला व नमक के माध्यम से बनाया है। नमक पानी कोयले में बूंद-बूंद टपक कर कोयला को गीला करता है और भीतर का भाग ठंडा रहता है। इस फ्रिज को बनाने में मात्र 200 रुपए का खर्च आया है।

दिमागी संरचना को विकसित करने के लिए आयोजन
जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर ने कहा कि यह आयोजन बच्चों की दिमागी संरचना को विकसित करने के लिए किया गया। बच्चे अपने दिमाग से कई तरह की कबाड़ से जुगाड़ कर दैनिक जीवन में उपयोग कर फेंके हुए सामग्रियों को जुगाड़ कर कई आकर्षक चीजें बनाई गई। दो श्रेष्ठ प्रदर्शनी को राज्य स्तर के लिए चयनित किया जाएगा।

अंडा के छिलके से जैविक खाद
जिले के ग्राम ठेमाबुजुर्ग में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला के शिक्षक राजकुमार गजेंद्र राव ने एक अनोखा मॉडल तैयार किया जिसमें सरकार द्वारा प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में सप्ताह में एक दिन दिए जा रहे हैं अंडे से निकलने वाले छिलके का किस तरह जैविक खाद के रूप में उपयोग किया जाना है इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंडे में कैल्शियम रहता है साथ ही पोटेशियम भी रहता है। इसके छिलके को बारीक पिसकर खेतों व किचन गार्डन में जैविक खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है। स्कूल में बच्चे अंडा नहीं खाते उसे केला या चिक्की दिया जाता है। केले के छिलके को सुखाकर भी जैविक खाद बनाया जा सकता है और यह काफी उपयोगी साबित होगा।

इनके मॉडल रहे पहले और दूसरे स्थान पर
कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी में डौंडी ब्लॉक के ममता सोनेश्वर सहायक शिक्षिका प्राथमिक शाला कंजेली प्रथम स्थान। विकासखंड गुंडरदेही से सागर गुप्ता शिक्षक उच्चतर माध्यमिक शाला चिरचार द्वितीय स्थान प्राप्त किया। गणित, विज्ञान क्विज प्रतियोगिता में प्राथमिक स्तर पर विकास खंड बालोद प्रथम एवं विकास खंड द्वितीय स्थान पर रहा। माध्यमिक स्तर पर विकास खंड बालोद प्रथम व विकास खंड डौंडीलोहारा द्वितीय स्थान पर रहा। इस दौरान जीएल खुरश्याम, राधे लाल साहू, आई एल उइके, जितेंद्र गजेंद्र, जितेंद्र साहू एवं सभी बीईओ, एबीईओ, विकासखंड स्रोत केंद्र शामिल थे।

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Chandra Kishor Deshmukh Bureau Incharge
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