बेमौसम बारिश से बालोद जिले में धान की पूरी फसल बर्बाद, बीमा कवर नहीं मिलने से किसानों की परेशानी बढ़ी

कृषि विभाग का कहना है कि गर्मी की फसल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के दायरे में नहीं आती। जिन किसानों की फसल प्रति एकड़ 36 फीसदी नुकसान हुआ है।

By: Dakshi Sahu

Updated: 17 May 2021, 05:46 PM IST

बालोद. जिले में सप्ताहभर से हो रही बारिश किसानों पर अब आफत बनकर टूट रही है। खेतों में पानी भरने से धान की फसल डूब (Crop Damage) गई है। अब धान की बाली में ही अंकुरण हो गया है। कई किसानों की फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है। बारिश से फसल के नुकसान को देखते हुए राजस्व व कृषि विभाग की टीम खेतों में पहुंच रही है। अधिकारियों ने यह भी साफ कह दिया है कि फसल नुकसान सर्वे में किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत लाभ नहीं मिलेगा।

कृषि विभाग का कहना है कि गर्मी की फसल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में नहीं आती। जिन किसानों की फसल प्रति एकड़ 36 फीसदी नुकसान हुआ है। उन्हें 13500 रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। लेकिन यह सर्वे सिर्फ कागज में ही हो रहा है, क्योंकि जहां सर्वे की ज्यादा जरूरत है, वहां अधिकारी आज तक नहीं पहुंचे हैं। किसान फसल को बचाने में जुट गए हैं। कृषि विभाग के मुताबिक जिले में लगभग 760 हेक्टेयर की धान की फसल को नुकसान होने का अनुमान है। अधिकारियों का कहना है जब तक पूरा सर्वे नहीं हो जाता, कुछ नहीं कह सकते।

बेमौसम बारिश से बालोद जिले में धान की पूरी फसल बर्बाद, बीमा कवर नहीं मिलने से किसानों की परेशानी बढ़ी

शनिवार को बालोद में 45 मिमी बारिश
मई में बीते साल की तुलना इस साल ज्यादा बारिश हुई है। भूअभिलेख शाखा के मुताबिक शनिवार की रात सबसे ज्यादा बालोद ब्लॉक में 45 मिमी, गुरुर में 11.6, गुंडरदेही में 9, डौंडीलोहारा ब्लॉक में 4.6 व डौंडी ब्लॉक में एक मिमी बारिश दर्ज की गई है। राजस्व व कृषि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिन गांवों में ज्यादा फसल नुकसान हुआ है, वहां सर्वे कर रहे हैं। किसानों की सूचना पर भी अधिकारियों की टीम गांव पहुंच रही है। जिले के गुरुर ब्लॉक के अलावा बालोद ब्लॉक के ग्राम मटिया, पोंडी, लोंडी, बोड़की, खेरवाही, भेडिय़ा नवागांव सहित और भी कई गांवों में धान की फसल को नुकसान हुआ है। इन गांवों में किसानों की दयनीय हालत की सूचना अधिकारियों को दी गई है। बावजूद अधिकारी इन गांवों में नहीं पहुंचे। क्षेत्र के पटवारी व ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी का भी पता नहीं है। इतनी तेज बारिश से धान की फसलों के बीजों में अंकुरण होने लगा है।

किसानों ने कहा-
मिले मुआवजा, करें फसल सर्वे
किसान मुरली, टीका राम, बीरबल, रेमन ने बताया कि सप्ताहभर से बारिश ज्यादा हुई है। लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। फसल पानी में डूबी हुई है। अब फसल कटाई भी नहीं कर सकते। यही नहीं कटी फसल को खेत में रखा था। वह भी डूब गई है। अधिकारी गांव में आकर फसल सर्वे करें और नियमानुसार मुआवजा दें।

फसल की स्थिति देख रो पड़े किसान
जिले के ग्राम मटिया पी में एक किसान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। कटी फसल भी खेत में ही पानी में डूबी हुई है। लगातार बारिश से खेतों से पानी कम नहीं हो रहा। धान की फसल के बीज में ही अंकुरण हो गया है। फसल की स्थिति देख किसान खेत में ही रो पड़े। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या पर कोई आगे नहीं आता नेता सिर्फ राजनीति करते हैं। मजे लेते हैं, उनकी फसल बर्बाद हुई कोई अधिकारी झांकने तक नहीं आया।

जानिए किसने क्या कहा
उपसंचालक कृषि विभाग एनएल पांडे ने कहा कि राजस्व विभाग के साथ मिलकर फसल का सर्वे कराया जा रहा है। कितना नुकसान हुआ है यह सर्वे के बाद पता चलेगा। एसडीएम बालोद राम सिंह ठाकुर ने बताया कि अभी लगातार बारिश से किसानों की फसल नुकसान की जानकारी मिली है। सर्वे प्रारंभ कर दिया है। बाकी जानकारी तहसीलदार से भी ले सकते हो।

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