एक सप्ताह तक पानी नहीं गिरने से खेतों में खड़ी फसल सूखने लगेगी, बारिश नहीं होने से किसान हो रहे चिंतित

एक सप्ताह तक पानी नहीं गिरने से खेतों में खड़ी फसल सूखने लगेगी, बारिश नहीं होने से किसान हो रहे चिंतित

Chandra Kishor Deshmukh | Publish: Jul, 14 2019 08:15:15 AM (IST) Balod, Balod, Chhattisgarh, India

जुलाई के पहले सप्ताह हुई बारिश के बाद पिछले चार दिन से बादल रूठ गया है। बारिश के बाद जमीन में मौजूद नमी भी धीरे धीरे कम होने लगी है, जिससे खरीफ खासकर जिले के बड़े भूभाग में बोई जाने वाली धान फसल की सूखने की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

बालोद @ patrika . जुलाई के पहले सप्ताह हुई बारिश के बाद पिछले चार दिन से बादल रूठ गया है। बारिश के बाद जमीन में मौजूद नमी भी धीरे धीरे कम होने लगी है, जिससे खरीफ खासकर जिले के बड़े भूभाग में बोई जाने वाली धान फसल की सूखने की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जून अंतिम सप्ताह में शुरू हुई मानसून की बारिश के बाद जिले के अधिकतर किसानों ने धान की बोवनी कर दी थी।

1 लाख 80 हजार हेक्टेयर में धान की बोवनी
जिले में इस बार करीब एक लाख 80 हजार हेक्टर में धान की फसल ली जा रही है। इसमें से 80 प्रतिशत भूभाग में बोवनी जुलाई में पूरी हो गईहै। वहीं जिनके पास निजी साधन हैंडपंप है वह वे भी नर्सरी की रोपाई कर चुके है। खुर्रा बोवनी पूरी होने के बाद से जिले में बारिश थम सा गया है।

नुकसान होने की संभावना
बारिश थमने के बाद तेज धूप के कारण खेतों की नमी तेजी से सूख रही है। बीज अकुंरण के बाद उचित वृद्धि के लिए जमीन में पर्याप्त नमी आवश्यक है। नमी के अभाव में पौधे पीले होकर नष्ट होने की संभावना रहती है। हालांकि कृषि अधिकारी आशीष चन्द्राकर ने कहा अभी खेतों में सामान्य नमी है। उनके अनुसार पांच छह दिन बारिश नहीं होने पर भी फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। यदि एक हफ्ते से अधिक दिनों तक बारिश नहीं हुई तो नुकसान हो सकती है।

नहीं करें दवाई का छिडक़ाव
बारिश नहीं होने से अब खेत सूखने लगे है। खेतों में मौजूद नमी के समाप्त होने से अब धान की फसल को नुकसान होने की संभावना है। सर्वाधिक नुकसान उस खेत को होगी जहां धान की बोवनी 20 दिन पूर्व कर दी गई हैं। ऐसे बोवनी अब पूर्ण रूप से अकुंरण की स्थिति में है। जहां पौधों को पर्याप्त नमी और पानी की आवश्यकता है।

मौसम की वर्तमान स्थिति
अब तक कुल बारिश 210 मिमी औसत
अधिकतम तापमान 32.6

बारिश में एक सप्ताह से अधिक का गेप होगा तो फसलों के लिए हानिकारक
कृषि अधिकारी आशीष चंद्राकर ने बताया बोवनी के बाद खेतों में नमी जरूरी है। फिलहाल खेतों में पर्याप्त नमी मौजूद है। यदि बारिश में एक सप्ताह से अधिक का गेप होगा तो फसलों के लिए हानिकारक है। खेतों में नमी नहीं होने पर किसानों को खरपतवार नाशक दवाई का छिड़काव नहीं करना चाहिए।

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