सिटी बस के टर्मिनल को बना दिया मवेशियों का घर, उमस और भूख से मर रहे गाय- बछड़े

सिटी बस के टर्मिनल को बना दिया मवेशियों का घर, उमस और भूख से मर रहे गाय- बछड़े

Deepak Sahu | Publish: Sep, 06 2018 08:00:00 PM (IST) Baloda Bazaar, Chhattisgarh, India

मवेशियों को छोडऩे को लेकर जिन ग्रामों तक टीम गयी उन ग्रामों के ग्रामीणों ने मवेशियों को छोड़े जाने का कड़ा विरोध किया

बलौदाबाजार. नगर तथा आसपास से हटाई गयी मवेशियों की वजह से जिले में मंगलवार देर रात तक तनाव रहा। मवेशियों को छोडऩे को लेकर जिन ग्रामों तक टीम गयी उन ग्रामों के ग्रामीणों ने मवेशियों को छोड़े जाने का कड़ा विरोध किया। बलौदाबाजार से लेकर ग्राम गोडख़परी, पलारी, रोहांसी में ग्रामवासियों के तगड़े विरोध के चलते मंगलवार देर शाम को बलौदाबाजार-भाटापारा रोड में सिटी बस के लिए बनाए गए टर्मिनल में मवेशियों को अस्थायी रूप से रखा गया। वहीं, दिन भर भीषण गर्मी तथा उमस में बड़े वाहन में कैद रहने की वजह से कुछ मवेशियों की मौत भी हो गयी।

बुधवार सुबह जब मवेशियों को रखने के स्थान का जाकर निरीक्षण किया गया तो वहां चारा-पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई थी, जिसके चलते कई मवेशी भूख-प्यास के चलते बेहाल हो गए थे। जिला प्रशासन द्वारा यदि मवेशियों को सुरक्षित रखने का स्थायी रूप से इंतजाम ना किया गया, तो आने वाले दिनों में यहां बद इंतजामी की वजह से अन्य मवेशी भी शिकार हो सकते हैं। विदित हो कि अज्ञात लोगों द्वारा सोमवार रात्रि ग्राम गोडख़परी में सैकड़ों मवेशियों को छोड़ दिया गया। गोडख़परी ग्राम के लोगों द्वारा तगड़े विरोध के बाद प्रशासन ने मवेशियों को धमनी जंगल छोड़े जाने के लिए बड़े ट्रैलरनुमा वाहन में रवाना किया परंतु मंगलवार को ग्राम रोहांसी के ग्रामीणों द्वारा भी मवेशियों को छोड़े जाने को लेकर जमकर आक्रोश व्यक्त किया तथा चक्काजाम कर दिया, जिसके बाद प्रशासन ने मवेशियों को फिर से बलौदाबाजार-भाटापारा मार्ग में नवनिर्मित सिटी बस टर्मिनल में छोड़ दिया। बुधवार को मौके पर जाकर मवेशियों का हाल देखा गया तो छोड़े गए अधिकांश मवेशियों की हालत खराब है।

मंगलवार दिन भर ट्रेलर में बंद रहने की वजह से मवेशी बेहद सुस्त हो गए हैं तथा एक मवेशी की बीती रात ही मौत हो गयी है। टर्मिनल के अंदर प्रशासन ने मवेशियों को ढूंस दिया है, परंतु उनके चारा तथा पानी की किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके चलते दर्जनों मवेशी सुस्त हो गए हैं। कुछ मवेशी तो चलते-चलते हुए गिर जा रहे हैं। वहीं, चारा तथा पानी के अभाव में मवेशियों की हालत खराब हो गई है तथा वे बाहर निकलने का प्रयास कर रहे हैं। ग्राम भरसेली के कुछ लोगों की ड्यूटी मवेशियों के देखरेख के लिए लगाई गई है परंतु मवेशियों की हालत देखकर ग्रामीणों की आंखों से भी आंसू आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यदि चारा-पानी की उचित व्यवस्था नहीं की गयी तो कई मवेशी बेमौत काल के ग्रास बन सकते हैं।

विधायक ने जाकर देखा मवेशियों का हाल
बुधवार को सिटी बस टर्मिनल में मवेशियों को रखे जाने की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक जनकराम वर्मा, नपाध्यक्ष विक्रम पटेल, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रूपेश ठाकुर, मनोज प्रजापति, अभिषेक पटेल आदि के साथ मौके पर जाकर मवेशियों का हाल देखा। विधायक ने मवेशियों की सुरक्षा कर रहे ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया तथा मवेशियों का उचित ध्यान रखने के निर्देश दिए। नपाध्यक्ष विक्रम पटेल ने मवेशियों की हालत को देखते हुए भूख-प्यास से बेहाल मवेशियों के लिए तत्काल हरा चारा तथा मवेशियों के पेयजल के लिए टैंकर से पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए तथा चारा-पानी पहुंचने तक मौके पर ही डटे रहे।

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