गर्मी के दिनों में यहां एन्जॉय नहीं किया तो क्या किया, समर को बनाए यादगार

जंगल का मजा लेने के लिए बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के सोनबरसा कॉटेज पहुंच रहे हैं

बलौदाबाजार. भीषण गर्मी में सोनबरसा जंगल में वन विभाग द्वारा विकसित किया गया पिकनिक स्पॉट लोगों को आकर्षित कर रहा है। इसकी वजह से लोग जंगल का मजा लेने के लिए बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के सोनबरसा कॉटेज पहुंच रहे हैं।

वन विभाग ने कुछ दिन पूर्व जंगल के अंदर पर्यटकों के घूमने के लिए जिप्सी का भी इंतजाम किया गया। इसकी मदद से पर्यटक जंगल के अंदर भी घूम सकते हैं। भीषण गर्मी में जंगल क्षेत्र जाकर प्रकृति के निकट रहने से लोगों को भी सुकून मिल रहा है।

 

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वन विभाग बलौदाबाजार ने बीते एक वर्ष पूर्व समीपस्थ सोनबरसा जंगल को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया है। इसके बाद अब सोनबरसा जंगल में पर्यटकों की भीड़ उमडऩे लगी है। वन विभाग ने सोनबरसा जंगल में एक क्षेत्र को पिकनिक स्पॉट बनाया है। जहां गार्डन के साथ बच्चों के लिए झूले और बड़ों के लिए 1 ओपन स्पेस में डायनिंग, पिकनिक, मिटिंग के लायक सुविधा के साथ ही साथ जंगल पहुंचने वाले पर्यटकों के रात रूकने के लिए 2 रूम और 1 इंडोर डायनिंग हाल, कैफे का निर्माण किया है, जो पूरी तरह से जंगल की थीम यानि प्राकृतिक तरीके से ही बनाया गया है। वहीं इस स्थान को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए साइकिल राइडिंग की भी व्यवस्था की गई है। जो युवाओं को खासतौर से लुभा रहा है।

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वन विभाग ने एक जिप्सी वाहन का भी इंतजाम किया है, जो मामूली फीस पर पर्यटकों को जंगल के अंदर ले जाकर पूरा जंगल घुमाकर वापस इसी स्थान पर ले आएगा। उत्तम जायसवाल ने बताया कि इस स्थान पर लोगों को पहुंचकर बिल्कुल प्रकृति के बीच पहुंचने जैसा आनंद मिलता है। यही वजह है कि यहां गर्मी के दिनों के अलावा छुट्टियों के दिन, त्योहार के बाद और शीतकालीन छुट्टियों के दौरान अधिक संख्या में लोग पहुंचते हैं।

जानवरों की संख्या में हुआ है इजाफा आई रौनक
नगर के उत्तर दिशा में बलौदा बाजार से महज 4-5 किमी दूर स्थित सोनबरसा जंगल को तार घेरा से सुरक्षित किए जाने के बाद अब जंगल की तस्वीर बदली हुई दिखाई दे रही है। सात-आठ वर्ष पूर्व चराई, अवैध कटाई तथा असामाजिक तत्वों के जमावड़े से उजाड़ हो रहे सोनबरसा जंगल में तार घेरा की वजह से चराई तथा कटाई रूक गई है। चराई रूकने से जंगल में चारागाह बढ़ गया है।

वहीं विगत तीन-चार वर्षों में जंगल में जानवरों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। वन विभाग द्वारा 562.48 हेक्टेयर के जंगल को कटीले तार से घेर कर सुरक्षित किया गया है। जंगल में चारों ओर तीन-चार फीट तक घास और चारा होने की वजह से जानवरों को चारा के लिए भटकना नहीं पड़ता है। वहीं तार घेरा हो जाने की वजह जंगल से लोगों की आवाजाही ही बंद हो गई है। तार घेरा से सुरक्षित होने के बाद जंगल में जानवरों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।

सात-आठ वर्ष पूर्व जंगल में जहां आठ-दस हिरण नजर आते थे, वहीं आज जंगल में दो दर्जन से अधिक हिरण, बारहसिंघा, कोटरी, हुर्रा, लकड़बग्घा, खरगोश, काले मुंह वाले बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ी है। वन विभाग के कर्मचारियों के अनुसार सोनबरसा जंगल में जंगल में अनेक दुर्लभ सर्प हैं। इसमेंं पूरा सफेद दूधराज नाग, गेंहूआ डोमी, काला डोमी, भूरा डोमी, करैत तथा दर्जन भर से अधिक अजगर हैं। अब पर्यटन को ध्यान में रखते हुए कैफे के रूप में इस क्षेत्र का विकास करने के बाद यह स्थान ग्रीष्म ऋ तु में क्षेत्र के पर्यटकों को पसंद आ रहा है।

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चंदू निर्मलकर Desk
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