किसानों को कम दाम में मिलेंगे सब्जी के पौधे, यहां शुरू हुआ वेजिटेबल प्रोटोटाइप मिनी सिडलिंग यूनिट

किसानों को कम दाम में मिलेंगे सब्जी के पौधे, यहां शुरू हुआ वेजिटेबल प्रोटोटाइप मिनी सिडलिंग यूनिट

Deepak Sahu | Publish: Sep, 15 2018 05:55:23 PM (IST) Baloda Bazaar, Chhattisgarh, India

अब सब्जी की खेती के लिए किसानों को महंगे बीज की खरीदी नहीं करनी पड़ेगी।

भाटापारा (सूरजपुरा). अब सब्जी की खेती के लिए किसानों को महंगे बीज की खरीदी नहीं करनी पड़ेगी। स्वस्थ और बेहतर उत्पादन देने वाले पौधे किसानों को मिलेंगे। यह पौधा सिमगा में स्थापित वेजिटेबल प्रोटोटाइप मिनी सिडलिंग यूनिट से मिलेगा। किसान जिस संख्या में आ रहे हैं, उसे देखते हुए उद्यानिकी विभाग अब जिले में ऐसी यूनिटों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

सब्जी के महंगे बीज, बेहतर उत्पादन को लेकर किसानों के लिए हमेशा से चिंता का विषय रहा है। ऊपर से क्वालिटी भी अच्छी निकलने से भाव भी प्रतिकूल आते रहे हैं। ऐसी कई अन्य और समस्याओं को देखते हुए उद्यानिकी विभाग ने किसानों को ऐसी समस्या से हमेशा के लिए निदान दिलाने की कवायद शुरू कर दी है। इसी कड़ी के पहले चरण में जिले के सिमगा ब्लॉक मुख्यालय में वेजिटेबल प्रोटोटाइप मिनी सिडलिंग यूनिट शुरू कर दी है, जहां से किसानों को सब्जी के पौधे बेहद रियायती दर पर मिलने लगे हैं।

ऐसे काम करता है सिडलिंग यूनिट
इस यूनिट में सर्वप्रथम तीन हिस्से में बना एक कॉकपिट है। वर्मी कोलाईट के एक-एक हिस्से के मिश्रण के बीच से गुजऱता सब्जी बीज जर्मिनेशन चेंबर में पहुँचता है। यहाँ ऑटोमेटिक सिस्टम के माध्यम से यह बीज 30 डिग्री सेल्सियस तापमान में नियंत्रित किया जाता है। इस प्रक्रिया के पूरा हो जाने के 10 से 12 दिन में पौधे तैयार हो जाते हैं।यह तैयार पौधा अगले 15 दिन तक हार्डलिंग यूनिट में रखे जाने के बाद किसानों तक पहुंचने के लिए तैयार हो जाते हैं।

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ये समस्या होगी ख़त्म
फिलहाल जिले के सब्ज़ी उत्पादक किसान खुले बाज़ार से बीज लेने के लिए मजबूर हैं। यह तय नहीं होता कि जो बीज वह ले रहा है उसका अंकुरण ठीक तरह से होगा या नहीं। यह भी नहीं मालूम होता कि अंकुरण के बाद जो तैयार होंगे वे स्वस्थ होंगे या नहीं। उत्पादन को लेकर भी चिंता हमेशा बनी रहती है। नई व्यवस्था के बाद किसानों को स्वस्थ पौधे मिलेंगे और बेहतर उत्पादन हासिल होगा। कीट-प्रकोप से भी बचाव होगा।

हर साल 5 लाख पौधा
सिमगा में जो वेजिटेबल प्रोटोटाइप मिनी सिडलिंग यूनिट स्थापित की गई है, उसकी सालाना क्षमता 5 लाख पौधों की है। अभी इस यूनिट में सब्ज़ी की चुनिंदा प्रजातियों के ही पौधे तैयार किये जा रहे हैं। आने वाले दो साल के भीतर सब्ज़ी की हर वह प्रजाति के पौधा तैयार किए जाने की योजना है जिसके प्रति जिले में रुझान ज्यादा है।

बलौदाबाजार के सहायक संचालक उद्यानिकी रामजी चतुर्वेदी में सिमगा में वेजिटेबल प्रोटोटाइप सिडलिंग यूनिट ने काम करना शुरू कर दिया है। फिलहाल इस यूनिट से हम पाँच लाख पौधे तैयार कर रहे हैं। जिले के दूसरे ब्लाकों में भी इस तरह के यूनिट की स्थापना की योजना है।

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