फेथई तूफान का दिखा असर, 24 घंटे तक लगातार होती रही बारिश, फसल पर असर

फेथई के कारण रविवार रात से बारिश होती रही, जो सोमवार पूरे दिन भर जारी रही।

By: Deepak Sahu

Published: 18 Dec 2018, 06:01 PM IST

बलौदाबाजार. तमिलनाडु के समुद्र तट से करीब 900 किमी दूर बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव के क्षेत्र की वजह से उठे तूफान फेथई का बीते दो दिनों से नगर समेत पूरे क्षेत्र में असर रहा। तूफान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष सावन-भादो के महीने में किसी भी दिन दो दिनों की झड़ी नहीं रही, परंतु फेथई के कारण रविवार रात से बारिश होती रही, जो सोमवार पूरे दिन भर जारी रही।

24 घंटे की झड़ी से एक ओर जहां पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है तथा बारिश की वजह से ठंड बढ़ गई है। वहीं, बेमौसम बारिश से सब्जियों की फसल, खुले में रखे धान को तगड़ा नुकसान पहुंचा है।

बता दें कि तूफान फेथई का सोमवार को पूरे क्षेत्र में व्यापक असर रहा। क्षेत्र में समुद्री तूफान फेथई का असर शनिवार सुबह से ही देखा जाने लगा था शनिवार पूरे दिन बदली छाए रहने तथा तेज ठंडी हवाएं चलने की वजह से तापमान में भी 3-4 डिग्री की गिरावट आ गई। रविवार देर रात से बलौदाबाजार नगर समेत पूरे क्षेत्र में बारिश होती रही। बारिश के साथ ही साथ तेज हवा चलने से पूरे दिन ठंडक बनी रही, जिसके चलते लोगों ने बहुत अधिक आवश्यक होने पर ही घर से निकलने की हिम्मत दिखाई।

बारिश की वजह से अधिकांश शासकीय कार्यालयों में कर्मचारियों तथा शालाओं में बच्चों की संख्या भी कम रही तथा लोग अपने घरों में कंबल तथा रजाई में ही दुबके रहे। सोमवार पूरे दिन भर कभी धीमे कभी तेज की तर्ज पर बारिश होती रही। बारिश से निचली बस्तियों समेत चौक-चौराहों में कई स्थानों में पानी भरने की भी समस्या आई।

फसल को फायदा भी, नुकसान भी
बेमौसम बारिश का किसानों के लिए मिला जुला असर रहा। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन किसानों ने 10-15 दिन पूर्व रबी की फसल चना, गेंहू, मटर, अलसी, सरसों की बोनी कर दी है तथा पौधों में दो-तीन इंच तक का अंकुर आ गया है, उन फसलों के लिए यह पानी बहुत बढिय़ा है, परंतु हाल में ही बोनी करने वाले किसानों के लिए यह पानी कहर स्वरूप है।

अधिक पानी गिरने से हाल में बोनी करने वाले किसानों के बीज नहीं बचेंगे तथा पूरी तरह सड़ जाएंगे जो किसानों के लिए तगड़ा नुकसान होगा। कृषि विभाग के उप संचालक एमडी मानकर ने बताया कि बारिश से हुए नुकसान का अंदाजा आगामी दिनों में मैदानी अमले द्वारा कराया जाएगा उसके बाद ही बारिश से होने वाले नुकसान के बारे में कोई निश्चित आंकड़ा आएगा।

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