रेलवे स्टेशन पर रंगे हाथों टिकट दलाल को पकड़ा गया, ऐसे करता था टिकटों की दलाली

रेलवे स्टेशन पर रंगे हाथों टिकट दलाल को पकड़ा गया, ऐसे करता था टिकटों की दलाली

Deepak Sahu | Publish: Nov, 10 2018 04:35:57 PM (IST) Baloda Bazar, Baloda Bazar, Chhattisgarh, India

छत्तीसगढ़ रेल्वे विजिलेंस टीम ने रेलवे स्टेशन में जाल बिछाकर लंबे समय से टिकिटों की दलाली कर रहे आरोपी को पकड़ा।

नवापारा-राजिम. छत्तीसगढ़ रेल्वे विजिलेंस टीम ने रेलवे स्टेशन में जाल बिछाकर लंबे समय से टिकिटों की दलाली कर रहे आरोपी को दौड़ाकर पकड़ा है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नगर के कुम्हारपारा में रहने वाले अब्दुल कादर ढेबर के विरुद्ध रेल्वे प्रशासन को लंबे समय से टिकिट आरक्षण में दलाली किए जाने की शिकायत मिल रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए रेल्वे की रायपुर स्थित विजिलेंस की 4 सदस्यीय टीम आज सुबह इनोवा कार से नगर पहुंची। उस वक्त काउंटर नहीं खुला था, लेकिन टिकिट बुक कराने वाले पहले से ही लाईन में लगकर अपना-अपना फार्म काउंटर के बाहर जमा करना शुरू कर दिया था। जब काउंटर खुला, तब तक 12-13 लोगों के फार्म जमा हो चुके थे।

रेल्वे कर्मचारी ने टिकिट बुक करना शुरू किया, जैसे ही चौथे नंबर पर मौजूद व्यक्ति की बारी आई, अचानक इनोवा कार से 4 अधिकारी किस्म के लोग उतरे, जिसमें से दो सादी और दो रेलवे पुलिस की वर्दी में थे। उन्हें देखते ही लाइन में खड़ा कादर इंदिरा चौक की ओर भागने लगा, जिसे दोनों पुलिसकर्मियों ने कुछ ही दूर पर स्थित हनुमान मंदिर के पास पकड़ लिया और उसे स्टेशन लाया। उसे इनोवा में बिठाया, जिसके बाद दोनों सादी वर्दीधारी अफसर रेलवे स्टेशन के अंदर गए और वहां मौजूद स्टेशन मास्टर से ढेबर द्वारा की जाने वाली टिकिटों की दलाली के संबंध में पूछताछ प्रारंभ की।

इस पर स्टेशन मास्टर ने उन्हें इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इंकार कर दिय। कुछ देर और पूछताछ के बाद सभी कादर को लेकर रायपुर स्थित कार्यालय के लिए रवाना हो गए।

ऐसे करता था टिकिटों की दलाली
मिली जानकारी के अनुसार कादर प्रतिदिन सुबह टिकिट काउंटर खुलने के पहले ही स्टेशन पहुंच जाता था और आधा दर्जन विभिन्न नामों से टिकिट बुक कराने के लिए फार्म जमा कर देता था।काउंटर खुलने के बाद टिकिटों की बुकिंग शुरू होती थी, तो कादर के बाद पहुंचे लोगों को टिकिट की पूर्व बुकिंग हो जाने के कारण टिकिट नहीं मिल पाती थी। इसका फायदा कादर उठाकर लंबे समय से टिकिटों की कालाबाजारी कर रहा था, जिसकी शिकायत रेल्वे विभाग को पहुुंच चुकी थी। आज भी कादर ने आधा दर्जन अलग-अलग नामों से टिकिट बुकिंग हेतु फार्म जमा किए थे, लेकिन नंबर आने से पूर्व ही उसे विजिलेंस टीम ने पकड़ लिया।

टिकिट काउंटरकर्मी की मिलीभगत ?
इस मामले में टिकिट काउंटर खिड़की पर बैठे कर्मचारी की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि कादर अमूमन हर दिन इतनी मात्रा में टिकिटों की बुकिंग के लिए फार्म जमा करता था और उसकी टिकिटें बुक जाती थीं। जबकि बाद के कई लोग खाली रह जाते थे, जिनकी ही मजबूरी का फायदा उठाकर कादर लंबे समय से टिकिटों की कालाबाजारी करता आ रहा था। बड़ा सवाल यह है कि क्या रेलवे विभाग इस मामले में संबंधित काउंटरकर्मी की भूमिका की जांच करते हुए कार्यवाही करेगा?

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