ओपन स्कूल परीक्षा में पैसे नहीं देने पर शिक्षक ने बदल दिए आंसर शीट, शिक्षा विभाग ने किया निलंबित

ओपन स्कूल परीक्षा में उत्तर पुस्तिका में हेरफेर करने के मामले में स्कूल शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया।

By: Deepak Sahu

Updated: 29 Mar 2019, 04:29 PM IST

कसडोल. ओपन स्कूल परीक्षा में उत्तर पुस्तिका में हेरफेर करने के मामले में स्कूल शिक्षा विभाग ने मिनी माता कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के व्याख्याता व सहायक केंद्राध्यक्ष एमएल वर्मा को निलंबित कर दिया। वहीं त्रुटिवश निलंबित किए गए गुरु घासीदास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के व्याख्याता बीएस पैकरा को बहाल किया गया है।

मिनी माता कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के एक परीक्षार्थी ने अपने उत्तर पुस्तिका बदले जाने की शिकायत ओपन स्कूल बोर्ड से की थी। इसी तरह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटगी के भी एक परीक्षार्थी ने भी अपने उत्तर पुस्तिका बदले जाने की बात कही थी। दोनों ही परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र प्रभारियों द्वारा रुपए मांगने तथा नहीं देने पर उत्तर पुस्तिका बदले जाने का आरोप लगाया था। दोनों ही परीक्षार्थी के शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ओपन स्कूल बोर्ड ने मामले के जांच के आदेश दिए थे।

जांच दल सदस्यों को जांच में शिकायत सही मिली। जांच दल के प्रतिवेदन के आधार पर छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने इस मामले में केंद्राध्यक्ष व सहायक केंद्राध्यक्ष को जिम्मेदार मानते हुए मिनी माता कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य व केंद्राध्यक्ष आरके मनहर तथा गुरु घासीदास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के व्याख्याता बीएस पैकरा को निलंबित कर दिया था।

 

शासन के इस आदेश में त्रुटिवश बीएस पैकरा को निलंबित किया गया था, जबकि वे जिस स्कूल में सहायक केंद्राध्यक्ष थे उस स्कूल से शिकायत ही नहीं थी। स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में त्रुटि सुधार करते हुए बीएस पैकरा को बहाल कर मिनी माता कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सहायक केंद्राध्यक्ष एमएल वर्मा को निलंबित किए जाने का आदेश जारी किया है।

शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय कटगी में भी उत्तर पुस्तिका बदलने का मामला सामने आया था, जिसमे केंद्राध्यक्ष बलदाऊ डड़सेना व उनके दो सहायक राजेश कश्यप तथा नारायण दास वैष्णव पर नकल करवाने के एवज में पैसों के लेनदेन का मामला सामने आया था। परीक्षार्थी द्वारा पैसे नहीं दिए जाने के कारण उसकी उत्तर पुस्तिका इस लोगों ने बदल दी। जिससे उस विषय में परीक्षार्थी के अंक शून्य आए थे।

परीक्षार्थी ने सूचना का अधिकार के तहत अपनी उत्तर पुस्तिका की मांग बोर्ड से की। जानकारी मिलने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जो उत्तर पुस्तिका बोर्ड में भेजी गई थी उस पर परीक्षार्थी के दस्तखत भी केंद्राध्यक्ष व उसके सहयोगियों ने फर्जी किए थे। जिसकी लिखित शिकायत छत्तीसगढ़ राज्य ओपन बोर्ड से परीक्षार्थी ने की थी।परीक्षार्थी ने बोर्ड पर आरोप लगाया है कि बोर्ड द्वारा कार्यवाही में जान-बूझ कर विलंब किया है रहा, ताकि दोषियों को बचाया जा सके।

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