टेंडर का खेल अजीब, भाजपा विधायक की गुण्डई, गुर्गे लेकर पहुंचे बीएसए के घर, की अभद्रता

Ashish Pandey

Publish: Sep, 16 2017 02:49:50 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
टेंडर का खेल अजीब, भाजपा विधायक की गुण्डई, गुर्गे लेकर पहुंचे बीएसए के घर, की अभद्रता

विधायक के दबाव में आकर 14 सितम्बर को बीएसए ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए आखिरकार ई टेंडर निरस्त कर दिया।

बलरामपुर। भगवाराज में सदर नगर पालिका में टेंडर निकालकर किये जा रहे खेल का मामला थमा भी नहीं था कि दूसरे विभाग में टेंडर को लेकर एक नया मामला सामने आ गया। इस बार का मामला है ई टेंडरिंग का और विभाग बेसिक शिक्षा।
जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने चल रहे कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में से पांच में सामानों की आपूर्ति के लिए ई टेंडर निकाल दी। 12 सितम्बर को टेंडर जारी कर कहा गया कि जिले के केजीबीवी नगर, देहात, श्रीदत्तगंज, रेहरा बाजार व गैंडास बुजुर्ग में सामानों की आपूर्ति की जानी है। इसके लिए 13 से 21 सितम्बर तक आनलाइन आवेदन मांगे गये थे। 22 सितम्बर को विभाग के कार्यालय में ही निविदा को खोला जाना था। टेंडर आनलाइन होते ही सेटिंग गेटिंग वाले ठेकेदारों के पसीने छूटने लगे। सूत्रों की मानें तो 13 सितम्बर को पहले से ही केजीबीवी में सामानों की आपूर्ति का काम कर रहे ठेकेदार करीब दोपहर बाद बीजेपी सदर विधायक पल्टूराम को लेकर सिविल लाइंस स्थित बीएसए आवास पर आ धमके। भारी दल बल के साथ विधायक ने बीएसए रमेश यादव को खूब खरी खोटी सुनाई। उस वक्त जिले के कई शिक्षक भी मौके पर मौजूद थे।

बात इतनी बढ़ गई कि वहां पर मौजूद गुर्गो ने अपना आपा खो दिया और बीएसए से अभद्रता की। गुर्गे बीएसए पर ईं टेंडरिंग को कैंसल करने का दबाव बना रहे थे। बीएसए ने मामले को बढ़ता देख डीएम राकेश कुमार मिश्र को मामले की मोबाइल पर शिकायत की। डीएम उस वक्त देवी पाटन मंदिर में नवरात्रि तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में मौजूद थे। डीएम ने एसपी प्रमोद कुमार को मामले से अवगत कराते हुए बीएसए आवास पर पुलिस बल भेजने को कहा। मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे नगर कोतवाल गंगेश शुक्ला ने मौके की नजाकत को भांपते हुए समझाने बुझाने का रास्ता अपनाया। काफी देर गहमा गहमी के बाद विधायक अपने गुर्गो के साथ वहां से चले गये।

विधायक के दबाव में आकर 14 सितम्बर को बीएसए ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए आखिरकार ई टेंडर निरस्त कर दिया। बीएसए ने मामले में बताया कि ई टेंडरिंग में खामियों के चलते ऐसा किया गया है। टेंडर में तकनीकी समस्या आ रही है। उधर बीएसए से अभद्रता के मामले में सदर विधायक पल्टूराम का कहना है कि बीएएस रमेश यादव के खिलाफ तमाम शिकायतें आ रहीं है। शिक्षकों के स्थानान्तरण और तैनाती के नाम पर बीएसए अवैध रूप से धन उगाही कर रहे हैं। कुछ दिन पहले जब डीएम ने शिकायत के बाद बीएसए को कलेक्टेट में बुलाया गया तो वे नहीं आये। इसी कारण से बीएसए निराधार आरोप लगा रहे हैं। पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों का कहना है कि जहां एक ओर ई टेंडरिंग कैंसल कराकर सदर विधायक अपनी मंशा में कामयाब हो गये वहीं दूसरी ओर स्थानान्तरण, तैनाती और निलंबन को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले बीएसए बैकफुट पर आ गये।

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