आपदा में भी मनरेगा का काम मशीन से, रजिस्टर में कोटा राजस्थान में पढ़ रहे छात्र से लेकर शिक्षक की पत्नी-पुत्र का नाम

MGNREGA work: रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम चूनापाथर का मामला, पंचायत (Panchayat) प्रतिनिधि व सचिव की मिलीभगत से आधा दर्जन से अधिक डबरी निर्माण कार्य मशीन (Machine) से कराए जा रहे

By: rampravesh vishwakarma

Published: 05 May 2021, 07:45 PM IST

रामानुजगंज. एक ओर जहां कोरोना संक्रमण (Covid-19) की रोकथाम हेतु लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) में गांव-गांव में मजदूरों को रोजगार दिलाने के लिए मनरेगा के तहत काम कराए जा रहे हैं। वहीं रामचन्द्रपुर विकासखंड के दूरस्थ ग्राम पंचायत चूनापाथर में पंचायत प्रतिनिधि और सचिव मिलकर आपदा को अवसर में बदलने का कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

मनरेगा के तहत स्वीकृत करीब आधा दर्जन से अधिक डबरी का निर्माण मजदूरों से न कराकर मशीन से कराए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जनपद सीईओ से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

मनरेगा मजदूरों की सूची में कोटा राजस्थान में पढ़ रहे छात्र का नाम से लेकर शिक्षक की पत्नी व पुत्र का भी नाम है। अब ग्रामीणों ने कलक्टर (Balrampur Collector) को भी मामले से अवगत कराकर कार्रवाई की मांग रखी है। मनरेगा का कार्य मजदूरों से न कराकर मशीन से कराए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।

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ग्रामीणों ने जेसीबी से कार्य कराए जाने का वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया कि हितग्राही देवनाथ यादव पिता कोलेश्वर यादव, सत्यनारायण पिता देवनाथ, तुलसी यादव पिता बोगल यादव, राम चरित्र यादव पिता भोला यादव सहित अन्य हितग्राहियों का डबरी निर्माण मजदूरों से न कराकर जेसीबी एवं ट्रैक्टर से कराया जा रहा है।

ग्रामीण मनोज गुप्ता ने बताया कि यदि इसकी जांच तत्काल की जाती है तो मशीन से कार्य कराया जाना प्रमाणित हो जाएगा। ग्रामीणों द्वारा मशीन से मनरेगा का कार्य कराए जाने की शिकायत पहले जनपद सीईओ से की गई थी परंतु कोई कार्यवाही नही होने की स्थिति में कलेक्टर को भी उक्त मामले से अवगत करा जांच की मांग की है।

ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच, पंच सहित ग्रामीणों ने इसकी जांच की मांग की है।इस संबंध में जिला पंचायत सभापति रामचरित्र सोनवानी ने कहा कि मनरेगा का कार्य मजदूर से न कराकर मशीन से कराया जाना दुर्भाग्यजनक है।

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एक ओर जहां लॉकडाउन में आय के सभी साधन बंद है वैसे में मनरेगा का कार्य मजदूरों के लिए बड़ा सहारा बन सकता है परंतु इस कार्य में भी धांधली बरती जा रही है। सोनवानी ने चूना पाथर में मनरेगा के तहत हुए एवं हो रहे कार्यों की जांच की मांग की है।


कोटा एवं अंबिकापुर में पढऩे वाले छात्र मनरेगा मजदूर
मनरेगा के कार्य में ग्राम चूना पाथर में किस प्रकार से फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मनरेगा में मजदूरों की सूची है जिसमें कोटा राजस्थान में पढऩे वाले छात्र का नाम है।

वहीं अंबिकापुर में भी कॉलेज में अध्ययनरत छात्र का नाम मनरेगा मजदूर की सूची में है। शिक्षक की पत्नी एवं पुत्र का नाम भी मनरेगा मजदूर में सम्मिलित है। यहां तक कि जेसीबी मालिक का नाम भी मनरेगा मजदूर में है।

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स्वीकृत स्थल छोड़कर कार्य कहीं और
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक ओर मनरेगा का कार्य (MGNREGA work) मजदूरों जगह मशीन से तो करवाया ही जा रहा है। साथ ही स्वीकृत स्थल छोड़कर कार्य कहीं और कराया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी जहां स्वीकृत हुआ था वहां मनरेगा का कार्य न कराकर दूसरी जगह कराया गया था। उस समय अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई, इस कारण आज भी वैसा ही कराया जा रहा है।

rampravesh vishwakarma Desk
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