scriptMustard oil:women are doing marketing along with producing mustard oil | सरसों तेल का उत्पादन करने के साथ ही मार्केटिंग भी कर रहीं हैं ग्रामीण महिलाएं, सीएम कर चुके हैं सम्मानित | Patrika News

सरसों तेल का उत्पादन करने के साथ ही मार्केटिंग भी कर रहीं हैं ग्रामीण महिलाएं, सीएम कर चुके हैं सम्मानित

Mustard Oil Production: वर्ष 2020 में हुई थी खाद्य तेल प्रसंस्करण सहकारी समिति की स्थापना, बसंतपुर में खाद्य तेल प्रसंस्करण सहकारी समिति से आत्मनिर्भर हुईं महिलाएं, आकृति कच्ची घानी प्रीमियम सरसो तेल के नाम से बाजार में उपलब्ध

बलरामपुर

Published: December 25, 2021 12:39:00 am

बलरामपुर. Mustard Oil Production: विकासखण्ड वाड्रफनगर की स्व सहायता समूह की महिलाओं ने जिले को गौरवान्वित किया है। एक कार्यक्रम में ममता खाद्य तेल प्रसंस्करण सहकारी समिति की सदस्य गीता कुशवाहा को समूह के उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर समूह की महिलाओं का सम्मान तथा उनका उत्साहवर्धन किया गया। जिले में कृषि आधारित व्यवसायों के अपार संभावनाओं तथा महिलाओं को उद्यमिता से जोडऩे के लिए विकासखण्ड वाड्रफनगर के बसंतपुर में ममता खाद्य तेल प्रसंस्करण सहकारी समिति की स्थापना 2020 में की गई थी। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के बड़े भौगोलिक क्षेत्र में सरसों वृहद स्तर पर उत्पादन किया जाता है, इसलिये क्षेत्र में सरसों से तैयार होने वाले उत्पादों के व्यवसाय की संभावनाएं देखी जा रहीं थीं। महिलाओं द्वारा स्थापित सरसों तेल प्रसंस्करण का यह उद्योग इसी संभावनाओं को पूरा कर रहा है।
Mustard oil
Women with mustard Oil

बसंतपुर एवं आसपास के गांवों के स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा आपस में मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार देने के प्रयास को सफलता मिली है। पुरस्कार प्राप्त करने पहुंची समूह की सदस्य गीता कुशवाहा का कहना है कि हम महिलाएं घर से बाहर निकली हैं तथा तेल उत्पादन के साथ ही उसकी मार्केटिंग तथा प्रचार-प्रसार कर रही हैं।
काम के अनुकूल वातावरण मिलने से न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है बल्कि उनकी क्षमता के साथ न्याय हुआ है। जिला प्रशासन ने भी सतत् रूप से इस तेल प्रसंस्करण केन्द्र को स्थापित करने व उसका विस्तार करने में सहयोग किया है।
कलक्टर कुन्दन कुमार ने स्व सहायता समूह के महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि महिलाएं इस पुरस्कार की वास्तविक हकदार हैं। उन्होंने साबित कर दिखाया है कि महिलाएं किसी भी रूप में कमतर नहीं हैं तथा बड़े से बड़े काम को बेहतर प्रबंधन के साथ करने में वे अधिक सक्षम हैं।

खली की भी डिमांड
स्व सहायता समूह की महिलाएं बताती हैं कि उद्योग के लिए कच्चा माल के रूप मे सरसों बीज स्थानीय हाट बाजारों तथा कृषकों से खरीदा जाता है। तत्पश्चात् प्रसंस्करण केन्द्र में सरसों का तेल तैयार कर शेष सह उत्पाद के रूप में प्राप्त खली का विक्रय किया जाता है। खली का उपयोग पशुओं के लिए चारे के रूप में किया जाता है, जिसकी भी बड़ी मांग है।
समूह का उत्पाद आकृति कच्ची घानी प्रीमियम सरसों तेल के नाम से विक्रय किया जा रहा है। महिलाओं ने बताया कि छात्रावासों, आंगनबाडिय़ों एवं स्कूलों में तेल के उपयोग पश्चात् हमें अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। यह हमारे लिए गर्व की बात है तथा आगे भी समर्पित भाव से अपने उद्योग के प्रगति के लिए कार्य करते रहेंगे।

तकनीकी प्रशिक्षण का मिला लाभ
समूह की महिलाओं ने बताया कि उद्योग के स्थापना के समय हमें तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया था, वर्तमान में जिसका हमें बहुत लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि निम्न स्तर की तकनीकी समस्या के लिए हम तकनीकी विशेषज्ञों के साथ वीडियो कॉल के माध्यम चर्चा कर उसका निराकरण करते हैं।
महिलाओं ने आगे बताया कि जब उद्योग की स्थापना का प्रस्ताव आया तो हम सभी महिलाओं ने एक स्वर में हामी भरी थी, प्रशासन के ऐसे साकारात्मक प्रयासों से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। प्रशासन ने हमें मौका दिया जिसे हम सभी महिलाएं मिलकर सही साबित किया है। उद्योग के क्षेत्र महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से न केवल जिले का बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।

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