मुख्यमंत्री आबादी पट्टा की सूची में बड़े खेल की तैयारी, रसूखदार और चहेतों को भी किया शामिल!

मुख्यमंत्री आबादी पट्टा की सूची में बड़े खेल की तैयारी, रसूखदार और चहेतों को भी किया शामिल!

rampravesh vishwakarma | Publish: Aug, 12 2018 03:17:21 PM (IST) Balrampur, Chhattisgarh, India

रमन सरकार द्वारा दिया जाना है आबादी भूमि पर काबिज लोगों को ढाई डिसमिल जमीन का पट्टा

कुसमी. कुसमी नगर पंचायत क्षेत्र में मुख्यमंत्री आबादी पट्टा योजना में बड़ा खेल खेलने की तैयारी की जा रही है। दरअसल इस योजना के तहत रमन सरकार द्वारा ढाई डिसमिल का पट्टा आबादी भूमि पर काबिज लोगों को दिया जाना है। साथ ही जारी पट्टे को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर हितग्रहियों को लाखों रुपये का लाभ भी दिया जाना है।

इस योजना का लाभ देने के लिए कुसमी निकाय क्षेत्र में आबादी भूमि प्लॉट नंबर 720/ 1 में 180 व प्लॉट नंबर 1217/ 1 में 32 कुल 212 आवासहीन कब्जा धारियों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं।


बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी राजस्व विभाग के कर्मचारियों से मिलीभगत कर राजनीति से जुड़े प्रभावशाली व रसूखदार लोगों द्वारा फर्जी तरीके से सूची में नाम शामिल कराकर बेशकीमती भूमि का पट्टा हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि मामले की जानकारी कलक्टर हीरालाल नायक से लेकर कुसमी एसडीएम बालेश्वर राम व तहसीलदार रामराज सिंह को भी है।

एसडीएम कुसमी बालेश्वर राम ने इस मामले की शिकायत मिलने के बाद एक जांच टीम भी गठित की है, लेकिन अभी तक टीम द्वारा एसडीएम को रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है।

इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रसूखदार लोगों को किस-किस आधार पर पट्टा वितरण किया जाए, इसे लेकर मामले में संलिप्त राजस्व कर्मचारियों द्वारा अब दस्तावेजों को खंगालकर नियम-कायदों का अवलोकन किया जा रहा है।


सूचना के अधिकार में नहीं दे रहे सूची
मुख्यमंत्री आबादी पट्टा का लाभ दिए जाने वालों की नगर पंचायत परिषद की बैठक में पारित आबादी मेंटनेंस खसरा में नाम उल्लेखित सूची की सत्यापित प्रति जब नगर पंचायत के जनसूचना अधिकारी विजय कुमार यादव से मांगी गई तो उन्होंने 6 जुलाई को नगर पंचायत परिषद की बैठक में हुए आवासहीन कब्जाधारियों को पट्टा वितरण के संबंध में विचार की प्रति देकर पल्ला झाड़ लिया। साथ ही पूछे जाने पर नगर पंचायत में सूची उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर तहसील कार्यालय में सूची होने की बात कही गई ।

वहीं तहसीलदार कुसमी से सूचना के अधिकार के तहत आबादी खसरा मेंटनेंस में उल्लेखित सूची मांगे जाने पर उन्होंने सूचना के अधिकार के समय अवधि का हवाला देते हुए समय-सीमा पूरा होने से पूर्व ही जानकारी देने की बात कही। कुल मिलाकर सूची देने में बहाने बनाए जा रहे हैं।


परिषद के सदस्यों की कार्यप्रणाली पर सवाल
नगर पंचायत परिषद की बैठक की सत्यापित प्रति में तहसील कार्यालय से प्राप्त कुल 212 नाम को सर्व सम्मति से अनुमोदित करने का उल्लेख है। जबकि तहसील कार्यालय से बताया गया कि कुल 101 नाम ही नगर पंचायत में भेजे गए हैं। ऐसे में जब तहसीलदार से 212 नाम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने नगर पंचायत द्वारा अनुमोदन के बाद आई सूची में हितग्राहियों के बढऩे की बात कही है। इससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।


प्लॉट में 56 काबिज, उसमें 124 और नाम
राजस्व टीम की जांच में प्लॉट नंबर 720/ 1 में अब तक 56 लोगों का काबिज होना बताया जा रहा है। कुसमी आरआई सहोदर पैकरा से जब जांच के संदर्भ में जानकारी ली गई तो उन्होंने 55-56 लोगों को प्लॉट क्रमांक 720/1 में काबिज होना बताया है। जबकि बाकी की सूची में शामिल 124 नाम को इसमें कैसे शामिल किया गया यह गम्भीर सवाल है।

जिस प्लॉट क्रमांक 720/ 1 में कुल 180 हितग्राही का नाम शामिल किया गया है, इसी प्लॉट में ही कुसमी का तहसील, एसडीएम कार्यालय, नगर पंचायत, पीएचई कार्यालय, सहित सरकारी आवास निर्मित हंै।

इसी प्लॉट में कुसमी निकाय क्षेत्र की खाली पड़ी भूमि, जहां फर्जी तरीके से कब्जा बताया जा रहा है उसकी लागत स्थानीय स्तर पर करोड़ों रुपए की है। वहीं प्लॉट नंबर 1217/1 के संबध मेें आरआई सहोदर पैकरा ने बताया कि उक्त प्लॉट की जांच अभी बाकी है।


शिकायत मिलने के बाद जारी है जांच
राजस्व भूमि के मामले में नगर पंचायत परिषद का अनुमोदन अंतिम नहीं माना जाता। हमारे द्वारा शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट मिलने वाली है। इसके बाद पात्र हितग्राहियों को ही कलक्टर के अनुमोदन से पट्टा दिया जाएगा
बालेश्वर राम, एसडीएम

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