कोड़री पुल के दोनों तरफ बने एप्रोच मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त, डीएम ने दिए जाँच के आदेश

बरसात के दिनों में खतरे का सबब बनता कोडरी घाट पर बाढ़ के बचाव के लिए लोगों को होती है परेशानी

By: Mahendra Pratap

Published: 20 Jul 2018, 06:19 PM IST

बलरामपुर. केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचारियों पर नकेल लगाने का चाहे जितनी प्रयास कर लें, लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी व कर्मचारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं । ताजा मामला जनपद बलरामपुर के लिए बरसात के दिनों में खतरे का सबब बन रही राप्ती नदी के कोड़री घाट पर बनाए गए गाइड बांध और एप्रोच मार्ग पर कराए गए मरम्मत कार्यों से जुड़ा है। प्रत्येक वर्ष कोडरी घाट पर गाइड बांध और एप्रोच मार्ग की रिपेयरिंग करोड़ों रुपए की लागत से करायी जाती है। लेकिन बाढ़ आते-आते यह फिर अपने पुराने रूप में पहुंच जाता है, बाढ़ आने पर दोबारा आपदा प्रबंधन विभाग उस पर कार्यवाही के नाम पर लाखों रुपये खर्च करता है लेकिन इसका परिणाम शून्य ही रहता है। इसका नतीजा ये होता है कि बाढ़ आने पर इससे बचाव के लिए कुछ नहीं किया जाता और जनता परेशान रहती है।

बारिश में होती है परेशानी

बलरामपुर जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर राप्ती नदी के कोड़री घाट पर बनाए गए पुल पर करोड़ों रुपए खर्च करके रिपेयरिंग कराया गया था। साथ ही पुल का एप्रोच मार्ग जो बौद्ध परिपथ से शुरू होकर पड़ोसी जिले श्रावस्ती के भिनगा तक जाता है, उसकी दोनों तरफ मरम्मत कराई गई थी। अभी बरसात शुरू ही हुई कि थोड़े से बरसात में ही एप्रोच मार्ग दोनों तरफ बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। हालात यह है कि अगर कटान रोका नहीं गया, तो मार्ग का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।

रिपेयरिंग के नाम पर लोगों को दे रहे धोखा

दूसरी ओर नदी पर बनाए गए दोनों तरफ गाइड बांध की मिट्टी बह गई और बांध पर दूर-दूर तक दरारें दिख रही हैं। बाढ़ आने के समय अगर बांध कट गया, तो कई गांव यहां तक की जिला मुख्यालय भी जलमग्न हो जाएंगे। अगर तराई क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट जाएगा। इतना संवेदनशील होने के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी उसकी सही रिपेयरिंग करने के बजाए लूट खसोट करने में लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है की बांध तथा सड़क की रिपेयरिंग मे अधिकारी जमकर लूट खसोट कर रहे हैं, जिसका खामियाजा बाढ़ के दिनों में इस क्षेत्र के लाखों लोगों को भुगतना पड़ता है।

दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्यवाही

यहां के लोगों को चिंता है कि कहीं बाढ़ में बांध कट गया या सड़क बह गई, तो उनके लिए बड़ी मुसीबत पैदा हो जाएगी। इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश का कहना है की कराए गए कार्य की जांच कराई जाएगी और जो दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कार्यवाही होगी। साथ ही क्षतिग्रस्त बांध तथा सड़क की रिपेयरिंग सुनिश्चित की जाएगी।

Mahendra Pratap
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned