मर्यादा भूले सीएम योगी के मंत्री, इनकी कुर्सी पर बैठे दिया भाषण

मर्यादा भूले सीएम योगी के मंत्री, इनकी कुर्सी पर बैठे दिया भाषण

Abhishek Gupta | Publish: Apr, 17 2018 09:56:10 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

साफ तौर पर ऐसा लगा मानो जिले के DM उनके आगे कुछ भी न हो।

बलरामपुर. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्व में अधिकारियों, मंत्रियों और विधायकों के लिए आदेश जारी कर सरकारी प्रोटोकाॅल को सख्ती से फालो करने के निर्देश दिए थे, लेकिन लगता है कुछ मंत्री इस आदेश को भूल गए है। यहां एक प्रभारी मंत्री एक आईएएस अफसर और सम्मानित जिलाधिकारी के चैंबर में जाकर उसकी कुर्सी पर काबिज हो जाते हैं। और ताज्जुब की बात यह है कि माननीय को इस बात का अहसास ही नहीं होता कि वो जिले के सबसे बडे़ अधिकारी की कुर्सी पर बैठे हैं और इसका जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में एक गलत संदेश जा सकता है।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई थी योजना समिति की बैठक-

मामला है बलरामपुर जिले का जहां जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित योजना समिति की बैठक के बाद प्रदेश के चीनी मिल एवं गन्ना विकास मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा उस वक्त चर्चा का विषय बन गए जब उन्होंने डीएम के चैम्बर में पहुंचकर उन्हीं की कुर्सी पर बैठ कर पत्रकारों को सम्बोधित किया। दूसरों को अनुशासन और प्रोटोकाॅल का पाठ पढ़ाने वाले मंत्री खुद ही प्रोटोकाॅल भूल गये और जिले का सबसे बड़ा पद कहे जाने वाले जिलाधिकारी की कुर्सी पर अपना कब्जा जमा लिया। साफ तौर पर ऐसा लगा मानो जिले के DM उनके आगे कुछ भी न हो।

प्रभारी मंत्री सुरेश राणा आईएएस डीएम कृष्णा करूणेश की नेम प्लेट लगी मेज और कुर्सी पर बैठ गये और पत्रकारों के सामने सरकार की योजनाओं का बखान करने लगे। प्रभारी मंत्री के साथ उनके बगल में श्रावस्ती सांसद दद्दन मिश्रा व जिले के चार विधायक कैलाशनाथ शुक्ल, पल्टूराम, शैलेश सिंह व राम प्रताप वर्मा भी मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री से जब सवाल किया गया कि वे एससीएसटी एक्ट के समर्थन में हैं या विरोध में, तो उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा राजनैतिक षडयंत्र के तहत इसका दुष्प्रचार किया गया है। समय रहते सरकार व जनता ने इसके गलत प्रभाव पर काबू पा लिया है।

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