किसानों की गृहणियां ने खेतों में लोकगीत गाया, की धान की रोपाई

एक दिन पूर्व हुए बलरामपुर के सभी भागों हुई तेज बारिश ने मौसम को खुशनुमा कर दिया है ।

By: आकांक्षा सिंह

Published: 20 Jul 2018, 02:48 PM IST

बलरामपुर. एक दिन पूर्व हुए बलरामपुर के सभी भागों में मौसम को खुशनुमा कर दिया है । लगातार हुई बरसात से एक ओर जहां लोगों को भीषण गर्मी तथा उमस से राहत मिली है वहीं दूसरी ओर धान की रोपाई कर रहे किसानों को वरदान मिल गया है । किसानों का मानना है कि यह बरसात रोपाई हो चुके धानों के लिए संजीवनी साबित होगी ।

झमाझम बारिश से घरती के अन्नदाता की खुशियां लौट आई है। बारिश ने जहां आम जनमानस को भीषण गर्मी से राहत दी है वहीं गावों में किसानों की गृहणियां भारतीय लोक गीतों के साथ धान रोपाई के कार्य में मशगूल हो गई।प्रदेश में विकास के क्षेत्र में नीचे से दूसरे पायदान पर बलरामपुर जिला शामिल है। केन्द्र व राज्य सरकार जिले के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ धरती के अन्नदाता की आर्थिक स्थ्तिि को मजबूत करने का लगातार प्रयास कर रहे है। जिले में लगातार दो दिनों से झमाझम बारिश ने आम जनमानस को भीषण गर्मी से जहां राहत दी है, वहीं गांव में धान की रोपाई का काम तेजी से शुरू हो गया है। किसानों का कहना है कि इन्द्र देव प्रसन्न है जिससे हमें काफी फायदा हो रहा है। हालाकि जो खेत निचले हिस्से में बाढ़ का पानी भर जाने से भारी नुकसान उठाना पड़ता है। समय से बारिश होने से धान की रोपाई सही समय से हो रही है जिससे फसल अच्छी पैदा होगी।

किसानों की गृहणियां खेतो में धान की रोपाई करते समय लोकगीतों को गाकर भरतीय सभ्यता व संस्कृति को उजागर कर रही है। खेतो में काम कर रही गृहणियों के समूह लोेकगीत सुनने के लिए लोग रास्ते में रूककर गीतों का आन्नद लेते है। बरसात मेें मुरझाये अन्नदाताओं के चेहरे पर खुशी ला दी है। प्रत्येक गांव में धान रोपाई का काम युद्ध स्तर पर जारी है।

आकांक्षा सिंह
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