औने-पौने दामों में बिचौलियों को धान बेचने को मज़बूर किसान

16 तौल केन्द्र बनाये गये हैं लेकिन इनमें से आठ पर खरीद नहीं हो रही है।

 

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Published: 10 Jan 2019, 10:23 PM IST

Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

बलरामपुर. बलरामपुर के तौल केन्द्रों पर धान खरीद न होने से किसानों को अपनी उपजों को बेंचने क लिये काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में किसान अपनी उपज को औने-पौने दामों में बिचौलियों को बेंच रहा है। दूसरी ओर सरकारी दफ्तरों में बैठकर अधिकारी धानखरीद के कागजी आँकड़ों में ही उलझे हुये हैं।

जिले के किसी भी तौल केन्द्र पर चले जाइए नजारा एक सा है। तौल केन्द्रों पर धान बेंचने के लिये किसानों को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। जिले में धान खरीद के लिये कुल 16 तौल केन्द्र बनाये गये हैं लेकिन इनमें से आठ केन्द्रों पर खरीद नहीं हो रही है। कारण यह है कि खरीदे गये धान को मिलर्स नहीं उठा रहे हैं जिससे तौल केन्द्रों पर धान रखने की क्षमता समाप्त हो गयी है। किसानों का आरोप है कि विभाग ने जान-बूझकर ऐसे स्थानों पर तौल केन्द्र बना दिये जहाँ अनाज रखने की क्षमता अत्यन्त कम है। यही कारण है कि खरीद बन्द हो जाने से किसान दर-दर की ठोकरे खा रहा है।। थकहार कर किसान बिचौलियों के हाथो औने-पौने दामो पर धान बेंचने को मजबूर है।

तौल केन्द्रों पर धान खरीद बन्द होने से विभाग में भी हड़कम्प मचा हुआ है। जिला प्रशासन के दबाब के बावजूद राइस मिलर्स तौल केन्द्रों से धान की उठान नहीं कर रहे हैं। जिले में पीसीएफ के 12 और मार्केटिंग के चार क्रय केन्द्र स्थापित हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें पीसीएफ के तौल केन्द्र से आ रही है। पीसीएफ के अधिकारी किसानों को सलाह दे रहे हैं कि अपने उपज को दो माह तक अपने पास रखो। कागजी आंकड़ों में उलझा जिला प्रशासन सिर्फ रटा-रटाया जबाव दे रहा है कि सब ठीक हो जायेगा।
कुल मिलाकर अपनी उपज को बेंचने को लेकर किसान परेशान है। इसका फायदा बिचौलिये उठा रहे है। तौल केन्द्रों पर खरीद न करके बिचौलियों को लाभ देने में पूरी मशीनरी जुटी हुई है और सरकार की मंशा पर कुठाराघात किया जा रहा है।

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