पहाड़ी नाला खरझार के तटबन्ध निर्माण में देरी से बाढ़ की आशंका, ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें

तीन माह पूर्व तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने बाढ़ की त्रासदी से बचाने के लिए खरझार तटबंध निर्माण की आधारशिला रखी थी

By: Hariom Dwivedi

Updated: 16 Jun 2021, 02:13 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बलरामपुर. महाराजगंज तराई के खरझार पहाड़ी नाले के तटवर्ती गांव पर एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीण बाढ़ के खतरे की आशंका से भयभीत हैं। खरझार के तटवर्ती 30 से अधिक गांवों के लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है और बाढ़ की चिंता सताने लगी है। बीते 3 माह पूर्व तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने बाढ़ की त्रासदी से बचाने के लिए खरझार तटबंध निर्माण की आधारशिला रखी थी। बावजूद तीन माह तक बाढ़ खंड के अधिकारी सोते रहे।

बीते दिनों हुई बारिश के कारण खरझार नाले में उफान आ जाने से 30 से अधिक गांव प्रभावित हुए थे। प्रभावित गांव की दुर्दशा देख बाढ़ खंड के अधिकारियों की नींद टूटी तो विगत 24 मई को खरझार तटबंध निर्माण का कार्य शुरू हुआ, लेकिन बीते 2 दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश व पूर्व में हुई बारिश ने निर्माण कार्य में खलल डाल दी है। तटबंध निर्माण को कथित ना मिलने से प्रभावित गांवों के ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है।

इन गांवों पर बाढ़ का खतरा
वर्षों से बाढ़ की त्रासदी झेल रहे साहेबनगर, रामगढ़, मैटहवा, शांति नगर, विजईडीह, लोहेपनिया, महादेवगोसाई, लहेरी, सहबिनिया, कौवापुर रूपनगर, लौकहवा समेत 30 से अधिक गांव के ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी हैं।

बोले अधिशासी अधिकारी
बाढ़ खंड के अधिशासी अधिकारी जय के लाल ने बताया कि 12 सौ मीटर लंबाई में तटबंध का निर्माण कराया जा रहा है। 700 मीटर लंबाई में मिर्जापुर स्टोन बॉर्डर से बांध से स्लोप पिचिंग का कार्य कराया जाएगा।कार्य की रफ्तार में तेजी लाने के निर्देश दिए गए है।

Hariom Dwivedi
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