प्रेरकों और समन्वयकों ने किया अनोखा प्रदर्शन, हाथ में कटोरा लिए एक एक लोगों से मांगी भीख

प्रेरकों और समन्वयकों ने किया अनोखा प्रदर्शन, हाथ में कटोरा लिए एक एक लोगों से मांगी भीख

Akansha Singh | Publish: Sep, 06 2018 12:17:00 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

शिक्षा जगत से जुड़े अनुदेशक सामान्य तथा प्रेरकों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन कर मांग पत्र सौंपा।

बलरामपुर. जनपद बलरामपुर में एक ओर जहां शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के तमाम सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे हैं वहीं शिक्षा जगत से जुड़े अनुदेशक सामान्य तथा प्रेरकों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन कर मांग पत्र सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए समस्याओं के निदान होने तक संघर्ष जारी रखने का एलान किया । साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान सरकार नहीं करती तो ये लोग भाजपा के विरोध में चुनाव के दौरान प्रचार करेंगे।


बलरामपुर में प्रेरकों एवं समन्वयकों ने बीएसए कार्यालय में भीख मांग कर अनोखा प्रदर्शन किया। चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रेरक संघ ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए। जिला पंचायत परिसर से निकालकर सैकड़ों की संख्या में प्रेरक और समन्वयक बीएसए आफिस पहुंचे जहां हाथ में कटोरा लिए प्रेरकों ने एक-एक लोगों के सामने हाथ फैला कर भीख मांगी। इस दौरान यदा कदा लोग से प्रेरको के कटोरे में भीख डालते दिखे। अपनी मांगों को लेकर आदर्श साक्षरता प्रेरक समन्वयक संघ लगातार दो वर्षों से प्रदर्शन कर रहा है। प्रेरक समन्वयक संघ शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया।बता दे कि सरकार द्वारा प्रेरको और समन्वयकों का लगभग 3 साल की संविदा वृद्धि एवं बकाया मानदेय नही दिया गया है। जिसको लेकर प्रेरक संघ अपनी जायज़ मांगों को लेकर पिछले दो साल से लगातार सरकार का ध्यान अपनी और आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।

प्रेरक संघ जिलाध्यक्ष ने कहा की यदि जनपद के 1400 प्रेरको और समन्वयकों का अतिशीघ्र संविदा बहाली और बकाया मानदेय नहीं दिया गया तो प्रेरक और समन्वयक सड़कों पर उतरकर सरकार के विरोध में उग्र प्रदर्शन करेंगे और बीजेपी हराओ अभियान चलाएंगे और साथ ही 2019 के चुनाव में भाजपा सरकार का बहिष्कार भी करेगा। परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा खेल एवं स्वास्थ्य कला और कार्य अनुभव विषयों के शिक्षा हेतु प्रदेश में 31 हजार अनुदेशकों की भर्ती की गई थी। यह सभी लोग वर्ष 2013 -14 से लगातार निर्धारित विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि एसोसिएशन की मांग पर सरकार ने 17 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दिए जाने जाने का आश्वासन दिया था परंतु अब शिक्षा मंत्री द्वारा ₹9800 प्रतिमाह वेतन की घोषणा किए जाने के बाद अनुदेशक काफी सदमे में हैं। तमाम अनुदेशकों की मौजूदगी में एसोसिएशन ने उप मुख्यमंत्री के नाम जिला अधिकारी को पत्र देकर बेतन 17 हजार करने की मांग की है।

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