भाजपा कार्यकर्ताओं सहित 70 के खिलाफ मुकदमा, मतगणना के दिन हुआ था जमकर बवाल

भाजपा कार्यकर्ताओं सहित 70 के खिलाफ मुकदमा, मतगणना के दिन हुआ था जमकर बवाल

Hariom Dwivedi | Publish: May, 26 2019 02:35:23 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- श्रावस्ती लोकसभा क्षेत्र के बलरामपुर में मतगणना के आखिरी दिन बीजेपी कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया था
- पुलिस ने ने घायल बीजेपी कार्यकर्ताओं सहित 70 अन्य कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया है
- पुलिस की कार्रवाई से भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश, जिलाध्यक्ष बोले- द्वेषपूर्ण भावना के तहत की गई पुलिसिया कार्रवाई

बलरामपुर. 'न खुदा ही मिला न विसाले सनम' बीजेपी कार्यकर्ताओं पर ये मुहावरा बहुत सटीक बैठता है। अपनी ही पार्टी की सरकार में पार्टी कार्यकर्ताओं का पिटना शायद ही कभी आपने देखा हो। बलरामपुर में मतगणना के आखिरी दौर में हुए मामूली कहासुनी के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर लाठियां बरसाई गयीं। पुलिस ने घायल बीजेपी कार्यकर्ताओं सहित 70 अन्य कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से बीजेपी कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। प्रदेश नेतृत्व ने जिलाअध्यक्ष को पूरे मामले की रिपोर्ट के साथ लखनऊ तलब किया है।

23 मई को मतगणना के आखिरी दौर में मामूली कहासुनी के बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने एक दर्जन बीजेपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को घेरकर बेरहमी से पिटाई की थी। पुलिस की इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई में बीजेपी के श्रावस्ती जिलाध्यक्ष शंकरदयाल पाण्डे का सिर फट गया था और कई कार्यकर्ता लहूलुहान हो गये थे। इसके बाद अब पुलिस ने कोतवाली नगर में केस भी दर्ज किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से बीजेपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में बहुत आक्रोश है। घायल बीजेपी कार्यकर्ता अंशु मिश्र का कहना है कि मतगणना के दौरान गठबंधन के कुछ लोग जबरन काउंटिंग स्थल पर जा रहे थे, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोका तो कहासुनी हो गयी। पुलिस के ने हम पर ही लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। लाठीचार्ज में बीजेपी के श्रावस्ती जिलाध्यक्ष, महामंत्री, उपाध्यक्ष समेत दर्जनों कार्यकर्ता घायल हो गए थे।

बलरामपुर बीजेपी के जिलाध्यक्ष ने यह आरोप लगाया है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने द्वेषपूर्ण भावना के तहत लाठीचार्ज किया है। इन पुलिस कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की गयी है। मामले की गम्भीरता को देखते हुये प्रदेश नेतृत्व ने बीजोपी के जिलाध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट के साथ लखनऊ तलब किया है। एसपी अनुराग आर्य का कहना है कि कुछ लोग मतगणना में बाधा उत्पन्न कर रहे थे, जिनके खिलाफ हल्का बल प्रयोग किया गया था।

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