चित्रकूट के जंगलों में बाघों के बीच संघर्ष में एक टाइगर की मौत

इंसानों की चहलकदमी बंद का प्रभाव!
वन्य जीवों के आपसी संघर्ष भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं

By: Mahendra Pratap

Updated: 18 Apr 2020, 08:53 PM IST

बांदा. कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए लॉकडाउन का असर शहरों में तो दिखाई दे ही रहा है, जंगलों में भी इस लॉकडाउन का असर दिखने लगा है। चित्रकूट जिले में दो बाघों के संघर्ष ने वन-विभाग की नींद उड़ा दी है। वन-विभाग के अफसरों का कहना है कि वन्य जीवों के आपसी संघर्ष के ऐसे मामले आने वाले दिनों में और सामने आ सकते हैं। ये घटना भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। यह हो क्यों रहे हैं यह एक चिंताजनक विषय है इस विचार किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के मझगवां वन क्षेत्र में करिया बीट के जंगल में गुरुवार की रात दो बाघों के आपसी संघर्ष में एक वयस्क नर बाघ की मौत हो गई। मारकुंडी वन क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी रमेश यादव ने बताया कि देते हुए बताया कि 'शुक्रवार सुबह मझगवां वन क्षेत्र के करिया बीट के जंगल में एक व्यस्क नर बाघ मृत पाया गया है, उसके शरीर में बाघ से ही हुए संघर्ष के दौरान के गहरे घावों के जख्म पाए गए हैं।'

उन्होंने बताया कि जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने पोस्टमॉर्टम कराने के बाद बाघ के शव को दफना दिया है। क्षेत्राधिकारी रमेश यादव ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि 'जंगल में बाघों के आपसी संघर्ष का यह पहला मामला है, जो बेहद चिंता का विषय है। भविष्य में वन्यजीवों के बीच होने वाले ऐसे आपसी संघर्षों को टालने के लिए वनकर्मियों को सतर्क कर दिया गया है। साथ ही आस-पास के इलाके के लोगों को भी सूचित कर दिया है क्योंकि लॉक डाउन होने के चलते मानवीय गतिविधियां बेहद सीमित हो गई हैं ऐसे में वन्य जीव मानव बस्तियों की ओर भी रुख कर दे रहे हैं।

क्षेत्राधिकारी रमेश यादव बताते हैं कि वन्य जीवों के आपसी संघर्ष के ऐसे मामले और सामने आ सकते हैं, ये घटना भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है।

कुछ लोगों का मानना मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से निकलकर बाघ अक्सर मझगवां व रानीपुर वन्य जीव विहार आ जाते हैं। जहां पर वर्चस्व की लड़ाई हो जाती है। एक सप्ताह से दो बाघों की लोकेशन मझगवां की करिया बीट में मिल रही थी। अब वनविभाग यह जवाब तलाश रहा है कि यह वर्चस्व की लड़ाई है या कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए लॉकडाउन का कुछ असर इन बाघों में पाया गया।

वन विभाग सतना के डीएफओ राजीव मिश्रा ने बताया कि दोनों बाघों के बीच आपसी संघर्ष में एक की मौत हुई है। पोस्टमार्टम में कई जगह चोट के निशान भी मिले हैं। विंध्य पर्वत श्रृंखला के जंगलों में पन्ना टाइगर रिजर्व से बाघ पहुंच जाते हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं रानीपुर वन्य जीव विहार के प्रति पालक जीडी मिश्रा ने बताया कि जंगल में वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए टीमें लगाई गई हैं। दूसरे बाघ की तलाश की जा रही है।

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