बच्चों ने बताया: सीएम योगी को धोखा देने की थी पूरी तैयारी, लेकिन वह आए ही नहीं!

आखिर सरकारी जुबान पर वह शब्द आ ही गया जिससे मुख्यमंत्री योगी को गुमराह करने वाले अफसर बराबर नजर चुरा रहे थे।

बांदा. आखिर सरकारी जुबान पर वह शब्द आ ही गया जिससे मुख्यमंत्री योगी को गुमराह करने वाले अफसर बराबर नजर चुरा रहे थे। बांदा के सरकारी स्कूल के बच्चों को नए बैग देने और बाद में छीनने के मामले की जांच करने आये अपर बेसिक शिक्षा निदेशक (AD) नजरुद्दीन अंसारी ने माना है कि ऐसा मुख्यमंत्री पर इम्प्रेशन जमाने के लिए किया गया था। उन्होंने बताया कि अधिकारियों की यह कोशिश थी कि मुख्यमंत्री पर स्कूल का अच्छा इम्प्रेशन जाए, इसलिए गुरेह गांव के तीन सरकारी स्कूलों के 226 बच्चों को पहले नए बैग बांटे गए और जब मुख्यमंत्री वहां नहीं आए तो बच्चों से यह बैग छीन लिए गए। जांच के लिए गांव के स्कूल पहुंचे अपर बेसिक शिक्षा निदेशक ने सभी शिक्षकों, बच्चों, अभिभावकों और ABSA को यहां बुलाया था। ठगा महसूस कर रहे अभिभावकों ने भी कह दिया कि जब बैग देना ही नही था तो क्यू ये सब ड्रामा रचा गया।


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योगी के दौरे से पहले बांटे गए थे नए बैग

दरअसल यह पूरा विवाद तब उठा जब बीते शनिवार 20 मई को CM योगी बांदा दौरे पर आए थे। उनका गुरेह गांव के सरकारी स्कूल में निरिक्षण का संभावित कार्यक्रम था। शिक्षा अधिकारियों ने स्कूल निरीक्षण का कार्यक्रम झमाझम बनाने के चक्कर में बच्चों को नए बैग बांट दिए। बच्चों को वह सब सिखाया गया जो योगी उनसे पूछ सकते थे। गणित के पहाड़े और गिनती रटाये गए। दिनभर शिक्षक सतर्क रहे। लेकिन जब किसी कारणवश सीएम योगी गांव के स्कूल नहीं गए तो अफसरों का असली रूप सामने आ गया। स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों को दिए नए बैग छीन लिए और उन्हें हाथों में कॉपी किताबें लेकर वापस भेज दिया। जिस तरह से यह पूरा विवाद उठा उस पर तो यही कहा जा सकता है कि खाया पिया कुछ नहीं, गिलास तोड़ा बारा आना। काम धाम कुछ किया नहीं, तमाशा सोलह आना। न योगी स्कूल आए और न बच्चों का कुछ भला हुआ। हां सीएम योगी की आंख में धूल झोंकने के चक्कर में एक नया विवाद जरूर खड़ा हो गया। अब मामले में जांच बैठा दी गई है, पहले जांच BSA कर रहे थे लेकिन बाद में जांच अपर निदेशक को सौंप दी गयी।


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जांच के लिए पहुंचे AD

गुरेह के सरकारी स्कूल में अपर निदेशक (AD) बेसिक शिक्षा नजरुद्दीन अंसारी जांच करने पहुंचे। उन्होंने माना कि तीन स्कूलों के कुल 226 बच्चों को नए बैग बांटे गए, ऐसा मुख्यमंत्री पर इम्प्रेशन जमाने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि अमूमन हमारे घर में जब मेहमान आता है तो हमारी यह कोशिश होती है कि हम अच्छा इम्प्रेशन दें, इसीलिए हमारे अधिकारीयों ने बीच सत्र में नए बैग बांट दिए। कुछ बच्चों को बैग वापस लेने से निराशा हुई। ये बात सही नहीं है। इससे बच्चों और अभिभावकों में गलत सन्देश गया है। भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नही होने दी जाएगी। जांच जारी है, दोषियों पर कार्रवाई होगी।


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जांच के बाद होगी कार्रवाई

(AD) बेसिक शिक्षा नजरुद्दीन अंसारी ने कहा कि डीएम की ओर से कल मुझे निर्देश मिला था कि बच्चों को CM के आगमन के पूर्व बैग मिला था और इसके बाद उनसे वापस ले लिया गया। इसी की जांच के लिए मैं आया था। तीनों स्कूलों के अध्यापकों से मैंने पूछताछ की उन्होंने माना कि बच्चों को यहां एक दिन पूर्व बैग वितरित किए गए थे और 20 तारीख को छुट्टी से पूर्व यह बैग उनसे वापस ले लिए गए। कुछ बच्चे इससे निराश हुए कि हमारे यहां बैग पिछली जुलाई को बांटे गए थे। मुख्यमंत्री को दिखाने के लिए इन नए बैगों की व्यवस्था की गयी थी। बच्चों के पुराने बैग फटी हालत में थे, इसलिए यह सोचा गया कि बच्चों को नए बैग दे दिए जाएं। जिससे कि एक अच्छा इम्प्रेशन जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की पुनरावृत्ति भविष्य में नहीं होने देंगे। जुलाई में नए बैग दिए जाएंगे, इस बार जूते मोजे भी दिए जाएगे। (AD) बेसिक शिक्षा नजरुद्दीन अंसारी ने कहा कि प्राइमरी में 124, जूनियर हाई स्कूल में 40 बालकों और 62 बालिकाओं को मिलाकर कुल 226 बच्चों को नए बैग देकर ले लिए गए थे। BSA अभी बाहर हैं मैं उनसे भी पूछताछ करूंगा। सही रिपोर्ट आगे दी जाएगी।


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नितिन श्रीवास्तव
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