बांदा

कर्ज में डूबे किसान ने लगाई फांसी, घर में छाया मातम

राज्य में किसानों के उत्थान की सरकारी योजनाएं और घोषणाएं भी किसानों की मौतों के सिलसिले को रोकने में नाकाम साबित हो रही हैं ।

बांदाMar 06, 2018 / 11:39 am

आकांक्षा सिंह

बांदा. राज्य में किसानों के उत्थान की सरकारी योजनाएं और घोषणाएं भी किसानों की मौतों के सिलसिले को रोकने में नाकाम साबित हो रही हैं । बुंदेलखंड में आर्थिक तंगी के चलते किसानों की मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन कभी कर्ज और आर्थिक तंगी तो कभी फसल बर्बादी के चलते किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं । बाँदा में पिछले एक पखवारे में दूसरे किसान ने कर्ज के चलते आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया । किसान का शव उसके घर में फ़ासी पर झूलता मिला । सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्ट-मॉर्टम के लिए भेज दिया है ।

मामला बाँदा के जसपुरा शहर कोतवाली क्षेत्र का है जहां 32 वर्षीय महरूप नाम के किसान ने अपने घर में कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली । ग्रामीणों ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी । घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने मौके में पहुंचकर लाश को नीचे उतरवाकर पोस्ट-मार्टम के लिए भेजा है । बतादे की मृतक किसान के एक लड़का व एक लड़की है । मृतक के भाई ने भी कुछ साल पहले कर्ज के चलते आत्महत्या कर अपनी जान दी थी । ग्रामीणों ने बताया की किसान महरूप ने आज घर के कमरे में फ़ासी लगाकर आत्महत्या कर ली है, जिसकी सूचना उनके द्वारा पुलिस को दी गयी थी । बताया की किसान के ऊपर बैंक का 3 लाख रुपये व 60,000 साहूकारों का कर्ज था । जिसको लेकर वो मानसिक रूप से तनाव में रहता था । ग्रामीणों की मानें तो किसान काफी दिनों से परेशान चल रहा था, खेत में जो फसल भी काम ? हुई हुई थी और जो हुई भी थी उसे अन्ना जानवर उजाड़ गए थे । किसान की पत्नी पिंकी का रो-रो कर बुरा हाल है । जैसे ही कस्बा के लोगों को इसके बारे में पता चला तो पूरे गांव में मातम सा माहौल छा गया । फ़िलहाल घटना की सूचना पर पुलिस ने लाश को पोस्ट-मार्टम के लिए भेज दिया है और घटना की जाँच शुरू कर दी है । अगर हम किसानो की कर्ज से आत्महत्या की बात करे तो आये दिन किसान कर्ज के चलते मौत को लगे लगाने पर नजबूर हो जाते है और सर्कार की योजनाओ की पोल सबके सामने आ जाती है । कही न कही ये माना जा सकता है की सरकारी योजनाओ से आज भी किसान वांछित है ।

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