बजरंगी की हत्या के बाद मुख्तार अंसारी ने किया ये, जेल प्रशासन हुआ चौकन्ना

Abhishek Gupta

Publish: Jul, 13 2018 08:13:42 PM (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India

बांदा. बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से मंडल कारागार बाँदा में बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी सदमे में है। सूत्रों की माने तो मुन्ना बजरंगी की हत्या की खबर सुनने के बाद से मुख्तार अंसारी कई दिन से अपनी बैरिक से बाहर नहीं निकले है। मुख़्तार अंसारी खाना पीना भी नहीं खा रहे हैं और न ही किसी पर विश्वास कर रहे है। हर किसी को शक की नजरों से देख रहे हैं। बागपत जेल में हुए हत्याकांड के बाद बंदियों के परिवारों में भी डर देखने को मिल रहा है। बंदियों के परिजन जेल में बंद कैदियों की सुरक्षा को लेकर खासे चिंचित नजर आ रहे हैं।

मुख्तार अंसारी के परिवार ने मांगी सुरक्षा-

आपको बता दें कि कभी पूर्वांचल के कुख्यात डॉन मुख्तार अंसारी इस समय बांदा जेल में बंद हैं। बीते दिनों मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से मुख्तार अंसारी बेहद सदमे से गुजर रहे हैं। मुख्तार को इस समय जान का खतरा सता रहा है। वहीं दूसरी ओर बांदा जिला प्रशासन व जेल प्रशासन ने मुख्तार की सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी है साथ ही जेल की पहरेदारी भी चाक-चौबंद कर दी गई है। मुख़्तार की सुरक्षा को लेकर प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किये हैं। वहीं दूसरी तरफ बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के परिवार ने भी उनकी सुरक्षा की मांग की है।

दो दिनों से बैरक से बाहर नहीं आए मुख्तार-

सूत्रों के अनुसार, खतरे को देखते हुए बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी पिछले दो दिन से अपनी बैरक से बाहर नहीं आये है और ना ही खाना-पीना खा रहे हैं। बता दें कि बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में कथित रूप से शामिल होने व कई संगीन मामलों के आरोप में मुख्तार अंसारी बांदा जेल में बंद हैं। उसकी बैरक में किसी भी बंदी रक्षक को भी जाने की इजाजत नहीं है और जेल की हर बैरक में दो दिन से सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि बंदियों या बैरकों से अभी तक कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ है। अपर एसपी बांदा ने बताया कि जेल की बाहरी सुरक्षा भी चाक-चौबंद की गई है। जेल के मुख्य द्वार पर पुलिस के अलावा पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। अन्य बंदियों के मुलाकात करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है और उनकी सघन तलाशी ली जा रही है। बागपत जेल में हुई माफिया डॉन की हत्या के बाद अन्य कैदियों के परिवारों में जेल सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। उनका मानना है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है, जब माफियाओं की हत्या जेल में हो सकती है तो अन्य कैदियों की सुरक्षा कैसे हो सकती है।

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