Patrika Impact: डीजीपी ने 5 वर्षों में पुलिसकर्मियों की आत्महत्या का मांगा ब्योरा

डीजीपी ने प्रदेश के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को एक पत्र लिखकर उनके यहां पिछले 5 वर्षों में पुलिसकर्मीयों की हुई आत्महत्याओं का ब्यौरा मांगा है।

By: Abhishek Gupta

Published: 13 Sep 2018, 08:51 PM IST

Lucknow, Uttar Pradesh, India

बांदा. बांदा की महिला सिपाही नीतू शुक्ला मामले पर मीडिया की लगातार खबरों का यूपी पुलिस पर बड़ा असर हुआ है। डीजीपी ने प्रदेश के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को एक पत्र लिखकर उनके यहां पिछले 5 वर्षों में पुलिसकर्मीयों की हुई आत्महत्याओं का ब्यौरा मांगा है। 11 सितंबर को लिखे अपने पत्र में डीजीपी ने कहा है कि सभी जिले के कप्तान थाना दर थाना यह ब्यौरा संकलित कर उन्हें जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं।

आपको बता दें कि बांदा के कमासिन थाने में 4 सितंबर को महिला सिपाही नीतू शुक्ला का शव उनकी बैरक पर पंखे से झूलता पाया गया था, जिसपर मीडिया की लगातार निगाह और रिपोर्टिंग ने प्रदेश पुलिस के आला अधिकारियों को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया। इसी का परिणाम रहा कि विभाग सभी आंकड़े इकट्ठा कर उनकी केस स्टडी करने की ओर बढ़ रहा है जिससे प्रदेश की हजारों नीतुओं को न्याय दिलाया जा सके। डीजीपी कार्यालय की ओर से 11 सितंबर को प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों से उनके यहां पिछले 5 सालों में हुई आत्महत्याओं का ब्यौरा मांगा गया है। यह पत्र डीजी मुख्यालय के पुलिस अधीक्षक (कानून व्यवस्था) द्वारा हस्ताक्षरित है। यह जानकारी बांदा पुलिस अधीक्षक एस आनन्द ने बांदा में दी।

इस बारे में बाँदा के पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने जानकारी देते हुए बताया कि नीतू मामले को उत्तर प्रदेश पुलिस के आला अधिकारी गंभीरता से ले रहे हैं। इसी का परिणाम रहा कि पूरे प्रदेश से यह ब्यौरा मांगा गया है। हम इसे शीघ्र से शीघ्र संकलित कर भिजवा रहे हैं।

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