किसानों को 10,700 करोड़ रुपए की अतिरिक्त ऋण माफी का तोहफा

किसानों को 10,700 करोड़ रुपए की अतिरिक्त ऋण माफी का तोहफा

Shankar Sharma | Publish: Jul, 13 2018 10:51:54 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने गुरुवार को किसानों को सौगात देते हुए 10 हजार 700 करोड़ रुपए का अतिरिक्त सहकारी ऋण माफ करने की घोषणा कर दी।

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने गुरुवार को किसानों को सौगात देते हुए 10 हजार 700 करोड़ रुपए का अतिरिक्त सहकारी ऋण माफ करने की घोषणा कर दी।

लेकिन, गठबंधन सहयोगी के विरोध और राजनीतिक दबाव के बावजूद डीजल और पेट्रोल पर उपकर में दो फीसदी की वृद्धि वापस लेने से मना कर दिया। हालांकि, कुमारस्वामी ने अन्न भाग्य योजना के तहत मुफ्त मिलने वाले चावल की मात्रा में कटौती का प्रस्ताव वापस ले लिया लेकिन विद्यार्थियों को मुफ्त बस पास की सुविधा जारी रखने की मांग को अस्वीकार कर दिया।


विधानसभा में वर्ष 2018 -19 के बजट पर बहस के जवाब में किसानों के सहकारी बैंको में किए गए 1 लाख रुपए तक के मौजूदा ऋण माफी की घोषणा करते हुए कहा कि ऋण माफी योजना के विस्तार से किसानों का 44,700 करोड़ रुपए का ऋण माफ होगा। इससे सरकार पर 10,700 करोड़ रुपए अतिरिक्त भार पड़ेगा। इस भार के निर्वहन के लिए राज्य सरकार अतिरिक्त संसाधन जुटाएगी।


पिछले सप्ताह कुमारस्वामी ने ५ जुलाई को पेश बजट में ३४ हजार करोड़ के ऋण माफ करने की घोषण की थी। बाद में सरकार की ओर से जारी बयान में कहा कि १० जुलाई तक सहकारी बैंकों से ऋण वाले २२.२३ लाख किसानों को लाभ मिलेगा।


मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वासन दिया कि अगले एक सप्ताह में बैंको की ओर से ऋण लेने वाले किसानों को ऋण मुक्त होने का पत्र उनके घर पर पहुंचेगा। राष्ट्रीय वाणिज्य बैंकों के ऋण माफी की घोषणा भी जल्दी ही की जाएगी। ऋणमाफी होते ही किसानों को कृषि के लिए बैंकों की ओर से नए ऋण भी उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा की किसानों की ऋण माफी योजना के कारण बेलगावी जिले को 2,670 करोड़, बागलकोट जिले को 1820 करोड़, विजयपुर जिले को 1510 करोड़, रायचूर जिले को 1062 करोड़, दावणगेरे जिले को 1200 करोड़, हासन जिले को 1037 करोड़, रामनगर जिले को 630 करोड़, मंड्या जिले को 1018 करोड़, मैसूरु जिले को 948 करोड़, कोडग़ु जिले को 492 करोड़, चामराजनगर जिले को 447 करोड़ रुपए का फसल ऋण की माफी मिलेगी। इस योजना से सबसे अधिक लाभ उत्तर कर्नाटक को ही मिलेगा।


अन्नभाग्य योजना में कोई बदलाव नहीं
मुख्यमंत्री ने अन्नभाग्य योजना के बीपीएल उपभोक्ताओं को 7 किलो के बदले 5 किलो चावल देने की घोषणा वापस लेते हुए कहा कि इस योजना में पहले की तरह प्रति माह 7 किलो चावल वितरित किए जाएंगे। कुमारस्वामी ने ऋण माफी के डीजल-पेट्रोल पर उपकर लगाकर आमदनी बढ़ाने के कदम को सही ठहराते हुए कहा कि हम किसानों का भला चाहते हैं।

कुमारस्वामी ने कहा कि अन्न भाग्य योजना में अनाज की मात्रा घटाने को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने भी उन्हें पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना में अनाज पुराने मात्रा को ही जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के साथ अन्याय होने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि बजट में अल्पसंख्यकों के विकास के लिए 2600 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।


बजट सत्र का एक दिन के लिए विस्तार
कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के पश्चात विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने विधानसभा में गुरुवार को बजट सत्र की कार्यकाल के विस्तार की घोषणा करते हुए शुक्रवार को भी जारी रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के बजट पर बहस के जवाब के पश्चात शुक्रवार को कार्यसूची के लंबित कार्य पूरे किए जाएंगे।

 

सीएम बोले : किसी भी क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं, बजट राज्य के संतुलित विकास पर केंद्रित
मुख्यमंत्री उनका बजट केवल मैसूरु, मंड्या तथा हासन जिलों के लिए सिमित होने के विपक्ष के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बजट में राज्य के संतुलित विकास पर ध्यान दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने फरवरी में पेश किए बजट में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए जो अनुदान आवंटित किया है वह अनुदान यथावत होने के कारण राज्य के किसी भी क्षेत्र के साथ अन्याय किए जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे किसानों के साथ किए गए ऋणमाफी योजना का वादा पूरा करने के लिए कृतसंकल्प है।

ऐसे में किसानों के साथ धोखाधड़ी का सवाल ही पैदा नहीं होता है। किसानों के लिए शहर के उपभोक्ताओं पर बिजली शुल्क में वृद्धि के कारण केवल 10 रुपए का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता, लेकिन विपक्ष ने इस वृद्धि को लेकर लोगों को भडक़ाने का काम किया है लिहाजा वे यह वृद्धि वापस ले रहे हैं। विपक्ष भाजपा ने मुख्यमंत्री के जवाब पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सदन से बर्हिगमन किया। इस बीच सदन में ध्वनिमत से वर्ष 2018 -19 के बजट को मंजूरी दी गई।

Ad Block is Banned