1500 चित्रकार पेश करेंगे अपनी कलाकृतियां

1500 चित्रकार पेश करेंगे अपनी कलाकृतियां

Sanjay Kumar Kareer | Publish: Jan, 03 2019 08:17:01 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

चित्रकार जेएस मणि, जेसु रावल और नीला पंच को मिलेंगे विशेष पुरस्कार

कला को प्रोत्साहन: चित्रकला परिषद का 16वां आयोजन रविवार से


बेंगलूरु. कर्नाटक चित्रकला परिषद के चित्रसंते (चित्रों का बाजार) आयोजन के 16वें संस्करण में देश भर के 1500 कलाकार अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन करेंगे। सभी चित्र महात्मा गांधी के जीवन की विविध घटनाओं, अभियानों और संस्मरणों, वस्तुओं पर आधारित होंगे। चित्रसंते का शुभारंभ 6 जनवरी से होगा, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी करेंगे। यह आयोजन महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष को समर्पित होगा।

चित्रकला परिषद के अध्यक्ष बी.एल. शंकर ने बुधवार को बताया कि उद्घाटन समारोह में एचडी कुमारस्वामी एवं उप मुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर शिरकत करेंगे। जल संसाधन मंत्री डी.के. शिवकुमार गांधी कुटीर का उद्घाटन करेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री जी.टी. देवेगौड़ा, सहकारिता मंत्री बंडप्पा काशमपुर, पर्यटन मंत्री एस.आर. महेश, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. जयमाला, विधायक आर. रोशन बेग, महापौर गंगाम्बिका, सांसद पी.सी. मोहन और पार्षद संपतराज अतिथि होंंगे।

इससे पूर्व 5 जनवरी को 'गांधी 150 : कला प्रदर्शनी और चित्रकला सम्मान पुरस्कारÓ होगा। इसका उद्घाटन पूर्व विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा करेंगे। कन्नड़ फिल्नों के अभिनेता रमेश अरविंद मुख्य अतिथि होंगे।

अध्यक्षता डॉ. जयमला करेंगी। वरिष्ठ चित्रकार जे.एस. मणि को एच.के. केजरीवाल, जेसु रावल को डी. देवराज अर्स और नीला पंच को एम. आर्यमूर्ति पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। शंकर ने बताया कि महात्मा गांधी जब भी बेंगलूरु आते थे, तब कुमारकृपा में ही ठहरते थे। चित्रकला परिषद के चित्रकला महाविद्यालय के अध्यापक और छात्रों ने बापू से संबंधित परिसर को बापू के ऐनक, चरखा और अन्य वस्तुओं को बृहद रूप में बनाया है।

गांधी की तस्वीरें प्रदर्शनी में शामिल होंगी। चित्रसंते में भाग लेने को 2,650 कलाकारों ने आवेदन किया, जिनमें से 1500 का चयन किया गया है। केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, ओडिशा समेत कई राज्यों के कलाकार भाग लेंगे। आयोजन के दिन 6 जनवरी को कुमारकृपा मार्ग बंद रहेगा। सड़क के दोनों तरफ चित्रों की बिक्री होगी। कलाकारों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस का बंदोबस्त करने के अलावा 50 से अधिक सीसीटीवी लगाए जाएंगे। मेले में मैसूरु सांप्रदायिक शैली, तंजावुर, राजस्थानी, मधुबनी शैली के चित्रों की खरीदारी की जा सकती है।

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