43 करोड़ रुपए में बनती है 1 किमी लंबी सडक़ !

Shankar Sharma

Publish: Feb, 15 2018 10:45:16 PM (IST)

Bangalore, Karnataka, India
43 करोड़ रुपए में बनती है 1 किमी लंबी सडक़ !

शहर में सडक़ निर्माण की लागत अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। 1 किलोमीटर लंबी सडक़ के निर्माण में 43 करोड़ रुपए तक खर्च हो रहे हैं

बेंगलूरु. शहर में सडक़ निर्माण की लागत अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। 1 किलोमीटर लंबी सडक़ के निर्माण में 43 करोड़ रुपए तक खर्च हो रहे हैं। मैसूरु रोड और मागड़ी रोड को जोडऩे वाली 10.7 किमी लंबी मुख्य संपर्क सडक़ (एमएआर) के निर्माण में यही लागत आने वाली है। बीते माह प्रदेश मंत्रिमंडल ने नाडप्रभु कैंपेगौड़ा लेआउट से होकर गुजरने वाली इस एमएआर परियोजना के लिए ४६६ करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।

इस परियोजना को पहले पेरिफेरल रिंग रोड-द्वितीय (पीआरआर-२) नाम दिया गया था। मौजूदा समय में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की १ किलोमीटर सडक़ के निर्माण में करीब १५ करोड़ रुपए खर्च होते हैं। शहरी विकास विभाग के सूत्रों का कहना है कि परियोजना की घोषणा, स्वीकृति के उपरांत होने वाली देरी, सामग्री के दामों में वृद्धि होना तथा जीएसटी आदि कई कारक हैं, जिसके कारण यहां सडक़ निर्माण का खर्च बेतहाशा बढ़ा है।


एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य २००८ में पूरा हो जाना चाहिए था, मगर ऐसा नहीं हो सका। सडक़ के संरेखण में भी परिर्वतन हुए। बाद में जीएसटी के नए नियग लागू हो गए। लंबे पुलों को निर्माण, किनारों पर नालियों का निर्माण भी लागत में बढ़ोतरी का एक कारण रहा। जीएसटी के प्रभावी होने से अनुमानित लागत ३५० करोड़ रुपए से ४३८ करोड़ हो गई।

इसके लिए न्यूनतम बोली ४६९ करोड़ थी और इस तरह सरकार ने ४६६ करोड़ रुपए की मंजूरी का निर्णय किया। अधिकारी ने कहा कि यह एक १० लेन सडक़ होगी, जिसमें दोनों ओर सर्विस मार्ग भी शामिल हैं। इससे कैंपेगौड़ा लेआउट और आसपास के गांवों के हजारों परिवारों को लाभ मिलेगा।

बेंगलूरु विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने कहा कि काम के आदेश अभी जारी नहीं किए गए हैं। यह निर्माण भारतीय सडक़ कांग्रेस के मानकों के तहत किया जा रहा है। एमएआर में आरसीसी नालियों होंगी। इसके अतिरिक्त १०० मीटर चौड़े पुलों का निर्माण किया जाएगा, जबकि एनएचएआई के पुल ३० से ४५ मीटर ही चौड़े हैं।


जनधन की लूट है यह परियोजना: येड्डि
एक ओर सरकार पीआरआर-२ परियोजना को अधोसंरचना में सुधार और क्षेत्रों के विकास का साधन बता रही है तो दूसरी ओर विपक्ष इसे जनता के पैसों लूट बता रहा है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येड्डियूरप्पा ने कहा कि जब मंगलयान अभियान की लागत ४५० करोड़ होती है और १२ किमी से भी कम लंबी सडक़ के निर्माण में ४६० करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने जा रही है।

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