नए मूल्यवर्ग के 50-50 करोड़ नोटों की छपाई पूरी

विमुद्रीकरण के बाद एक तरफ जहां देश में 500 और 2000 रुपए के नए नोटों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है वहीं मैसूरु आधारित भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड 

By: शंकर शर्मा

Published: 10 Nov 2016, 11:27 PM IST

बेंगलूरु. विमुद्रीकरण के बाद एक तरफ जहां देश में 500 और 2000 रुपए के नए नोटों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है वहीं मैसूरु आधारित भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड  (बीआरबीएनएमपीएल, आरबीआई मिंट) ने 50-50 करोड़ नोटों की छपाई पूरी कर उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में भेजना शुरू कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इन नोटों को देश के अन्य हिस्सों में भेजा जा रहा है।    नोटों को बक्सों में भरकर भेजने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। नए 500 और 2000 के नोट शुक्रवार से देश के सभी बैंकों में उपलब्ध होंगे। सूत्रों के मुताबिक इन नए मूल्य वर्ग के नोटों की डिजाइनिंग बीआरबीएनएमपीएल में ही की गई है।

बीआरबीएनएमपीएल कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मंत्री एस ए रामदास ने बताया कि अनुमानत: दो हजार रुपए के 50 करोड़ नोट और 500 रुपए के 50 करोड़ नोटों की छपाई पूरी की जा चुकी है।

इन नोटों की प्रिंटिंग का काम दो महीने पहले ही शुरू हो चुका था। हालांकि, आरबीआई करेंसी प्रिङ्क्षटग प्रेस केवल मैसूरु में ही नहीं है जहां नए दो हजार रुपए के नोटों की छपाई हो रही है। इन नोटों की छपाई आरबीआई करेंसी प्रिंटिंग प्रेस पश्चिम बंगाल के सालबोनी में भी हो रही है। रामदास ने कहा कि उन्हें दो हजार के नोटों की छपाई की जानकारी थी लेकिन एक हजार और 500 रुपए के नोटों को चलन से बाहर करने के निर्णय की भनक तक किसी को नहीं लगी। उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से प्रबंधन ने हाल ही में संगठन के साथ बैठक की थी।
शंकर शर्मा
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