परप्पन अग्रहार केंद्रीय जेल में 8 टेलिफोन बूथ खुले

परप्पन अग्रहार केंद्रीय जेल में सजा काट रहे कैदियों के लिए टेलिफोन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

By: शंकर शर्मा

Published: 25 Apr 2018, 05:48 AM IST

बेंगलूरु. परप्पन अग्रहार केंद्रीय जेल में सजा काट रहे कैदियों के लिए टेलिफोन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस जेल में फिलहाल आठ टेलिफोन बूथ हैं और शीघ्र ही इसकी सख्या बढ़ाई जाएगी। अतिरिक्त पुलिस महा निदेशक (जेलखाना) एन.एस. मेघरिक ने मंगलवार को नए टेलिफोन बूथ का उद्घाटन किया।

कैदियों को जेल में काम करने पर मिलने वाली मजदूरी की रकम जेल अधिकारी कैदियों के बैंक खातों में जमा करते हैं। कॉल करने के लिए इन खातों से राशि निकाल कर देते हैं। सरकार ने प्रदेश की आठ केंद्रीय जेलो में यह सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला किया था।

जेलो में अवैध रूप से मोबाइल के इस्तेमाल पर नियंत्रण के लिए टेलिफोन बूथ स्थपित किए जा रहे हैं। अब किसी कैदी के मोबाइल का इस्तेमाल करने पर जेल अधिकारियों को ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा।


कैदी हर माह केवल ६० कॉल कर सकते हैं। इसके लिए १०० रुपए शुल्क होगा। हर दिन तीन कॉल कर सकेंगे। अगर एक माह में ६० कॉल नहीं किए तो बचे हुए कॉल को अगले माह के कॉल में जोड़ दिया जाएगा। कैदियों की बातचीत पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। किसी को भी धमकाने के लिए कॉल नहीं करने की चेतावनी दी गई है। कैदियों की सभी बातें रिकार्ड होंगी।

अब नहीं चलेगी इंटर्नशिप में जालसाजी

बेलगावी. इंटर्नशिप के नाम पर जालसाजी सहित नकली या खरीदा गया प्रमाणपत्र विद्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। स्नातक के निर्णायक वर्ष के विद्यार्थियों के लिए सत्र २०१९-२० से इंटर्नशिप अनिवार्य करने के बाद विश्वेश्वरय्या प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (वीटीयू) अब विद्यार्थियों की निगरानी भी करेगा।

वीटीयू ने इस संबंध में सभी गाइडों को दिशा-निर्देश भी जारी किया है। वीटीयू के कुलसचिव प्रो. जगन्नाथ रेड्डी ने बताया कि कई विद्यार्थी इंटर्नशिप नहीं करते हैं। प्रमाणपत्र खरीदकर महज खानापूर्ति करते हैं। इस तरह के चलन पर अंकुश लगाने के लिए वीटीयू विद्यार्थियों पर नजर रखेगा।

शंकर शर्मा
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