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बैंगलोर

विघटित समाज कभी विकास नहीं कर सकता: आचार्य विमल सागर

पांडवपुर में हुआ आचार्य का स्वागत

बैंगलोरJun 22, 2024 / 07:07 pm

Santosh kumar Pandey

acharya
मैसूरु. कल्याण मित्र वर्षावास समिति, मैसूरु के तत्वावधान में घोषित चातुर्मास के लिए विहार कर रहे आचार्य विमलसागर सूरीश्वर आदि ठाणा शनिवार प्रातःपांडवपुर पहुंचे। पांडवपुर में वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से आचार्य विमलसागर सूरीश्वर एवं गणिवर्यपद्मविमल सागर आदि का स्वागत किया। महिलाओं ने मंगल गीत गा कर सामैया किया l आचार्य ने प्रवचन में कहा कि संगठन में शक्ति है। विघटित समाज कभी विकास नहीं कर सकता। आज देश में हिन्दू और जैन समाज, सबसे अधिक विघटित हैं। यही उनके दुःखों का मूल कारण है। विघटन की इस निकृष्ट मानसिकता से देश का भारी नुकसान हुआ है। हजार वर्ष से यही सिलसिला चल रहा है। पता नहीं लोग कब सबक लेंगे।
इस मौके पर कल्याण मित्र वर्षावास समिति, मैसूरु के सदस्य मूलचंद पालरेचा, अशोक दांतेवाडिया, वसंत राठौड़, कांतिलाल चौहान एवं पांडवपुर वर्धमान स्थानक जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष शंकरलाल गन्ना, सदस्य अशोककुमार मेहता, ओमप्रकाश मोगरा, प्रकाश भंडारी, अशोक जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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