समता की साधना का नाम है सामायिकी

समता की साधना का नाम है सामायिकी

Rajendra Shekhar Vyas | Publish: Sep, 10 2018 11:29:29 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

अभिनव सामायिक दिवस मनाया

साध्वी कंचनप्रभा व साध्वी मंजूरेखा के सान्निध्य में आयोजन
बेंगलूरु. तेरापंथ भवन, गांधीनगर में तेरापंथ युवक परिषद एवं हनुमंतनगर के संयुक्त तत्वावधान में साध्वी कंचनप्रभा व साध्वी मंजूरेखा के सान्निध्य में अभिनव सामायिक दिवस मनाया गया। साध्वी कंचनप्रभा ने कहा कि समता की साधना का नाम है सामायिकी। यह प्रतिकूल परिस्थिति में संतुलित रहने का संदेश देती है। सामायिक में श्रावक गृह कार्यों से सर्वथा उपरत हो जाता है। सामायिक अनुष्ठान सब में अभिनव शक्ति का संचार कर रहा है। सामायिक प्रदर्शन नहीं, आत्म दर्शन है। साध्वी मंजूरेखा ने कहा कि सामायिक का जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। सामायिक धर्म उपासना का वह विशिष्ट अनुष्ठान है, दर्पण है जिसमें अन्तर्मुखी बनने वाला स्वयं के व्यवहारों को देख सकता है तथा उन्हें बदल भी सकता है। ज्ञानशाला से तथा किशोर मंडल से लगभग 350 बालक-बालिकाओं ने सामायिक की। साध्वी चेलनाश्री ने भी सामायिक के बारे में अभिव्यक्ति दी। तेयुप ने गीत का संगान किया। अभिनय सामायिक में 1500 सामायिक हुई। तेयुप अध्यक्ष सुनील बाबेल ने स्वागत किया। हनुमंतनगर अध्यक्ष गौतम खाबिया, मंत्री कमलेश जाबक भी उपस्थित थे। सभा मंत्री प्रकाशचंद लोढ़ा ने संचालन किया।

स्कूल में बुनियादी सुविधाएं नहीं
मण्ड्या. केआरपेट तहसील के संतेबाचनहल्ली गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में शौचालय व पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घर से पानी की बोतल लेकर पास के बोरवेल से पानी लाना पड़ रहा है। शौचालय नहीं होने के कारण छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है। अभिभावकों व शिक्षकों ने समस्या के बारे में कई बार ग्राम पंचायत अधिकारियों व अन्य संबंधित लोगों को अवगत करवाया, पर समाधान नहीं हुआ।
निर्मलानंदनाथ स्वामी से मिले शिवकुमार
मण्ड्या. आदि चुंचनगिरी मठ के प्रमुख डॉ. निर्मलानंदनाथ के बुलावे पर रविवार को जिले के नागमंगला तहसील के मठ में जल संसाधन मंत्री डी.के. शिवकुमार ने उनसे मुलाकात की। इस अवसर पर उनकी पत्नी तथा पुत्री भी मौैजूद थीं। बताया जाता है कि प्रवर्तन निदेशालय की ओर से शिवकुमार के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की संभावनाओं के बीच वोक्कलिगा समुदाय के आदिचुंचनगिरी मठ के प्रमुख ने विचार-विमर्श किया है।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned