राज्य में नशे के कारण होने वाली दुर्घटनाएं घटीं

2017 में 169 की तुलना में 2019 में 132 दुर्घटनाएं

By: Santosh kumar Pandey

Updated: 16 Sep 2020, 03:02 PM IST

बेंगलूरु. राज्य में नशे कर के वाहन चलाने पर होने वाली दुर्घटनाओं के मामले घटे हैं। राज्यसभा में मंगलवार को एक लिखित सवाल के जवाब में सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि कर्नाटक में वर्ष 2017 में शराब पीकर (नशे में) वाहन चलाने से कुल 169 दुर्घटनाएं हुईं जो कि वर्ष 2018 में 139 और वर्ष 2019 में 132 कि पिछले सालों की तुलना में कुछ कम है।

उन्होंने कहा कि देश भर में भी इस तरह की घटनाओं में कमी है। जहां वर्ष 2017 में पूरे देश में नशे में वाहन चलाने से 14 हजार 71 दुघर्टनाएं हुईं वहीं 2018 में 12 हजार 18 और 2019 में 12 हजार 256 घटनाएं घटीं। इस मामले में सबसे आगे उत्तर प्रदेेश रहा, जहां 4 हजार 496 दुर्घटनाएं हुईं। इसके बाद पंजाब रहा जहां 1290 घटनाएं घटीं।

पंजाब में इस तरह की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है क्योंकि वर्ष 2018 में वहां ऐसी केवल 112 घटनाएं घटी थीं जो बढ़कर 1290 हो गई। बिहार में इस तरह की एक भी घटना (0) नहीं हुई वहीं, गोवा, पुद्दुचेरी और पश्चिम बंगाल में 10 से कम मामले सामने आए।
गडकरी ने कहा कि राज्यों से नेशनल हाइवे के करीब शराब की दुकानों के लिए लाइसेंस नहीं देने को कहा गया है। इसके अलावा राज्यों को नेशनल हाइवे के करीब खुले शराब की दुकानों के लाइसेंस पर फिर से विचार करने को कहा गया है। शराब पीकर वाहन चलाने के खतरे के बारे में लोगों को आगाह किया जा रहा है और इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। ब्रेथ एनेलाइजर खरीदने के लिए केंद्र राज्यों को मदद भी कर रहा है ताकि उल्लंघन करने वालों को पकड़ा जा सके। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने भी दुर्घटनास्थल से दुर्घटनाओं के बारे में सही जानकारी जुटाने के लिए कई पहल की है।

मंत्रालय ने कहा कि एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस परियोजना (आइ आरएएडी) लागू की जाएगी। इसे पहले छह राज्यों कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में लागू किया जाएगा। योजना के अनुसार सरकार सड़क दुर्घटना के बारे में जानकारियां इकट्ठा करने और अपने मोबाइल फोन से उसकी जानकारी आईएआरएडी मोबाइल ऐप में अपलोड करने के लिए पुलिस, परिवहन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षित करेगी।

सरकार सड़क दुर्घटनाओं का सटीक डेटा एकत्र करने के लिए आईटी का उपयोग कर रही है। मंत्रालय ने कहा कि डेटा एकत्र करने के बाद, संबंधित अधिकारी दुर्घटनाओं का कारण जानेंगे और बचाव के उपाय करेंगे।

Santosh kumar Pandey Desk
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